मेयर निर्मला देवी ने प्रधान सचिव को लिखा पत्र, वेतन निर्धारण में भेदभाव और धांधली की उच्चस्तरीय जांच की मांग
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर
नगर निगम में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मियों को मिलने वाले सातवें वेतनमान के भुगतान पर मेयर निर्मला साहू ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. मेयर ने नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री और प्रधान सचिव विनय कुमार को एक पत्र लिखकर सातवें वेतनमान के निर्धारण में भारी विसंगतियों, त्रुटियों और पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया है. मेयर ने कहा कि नगर निगम के कतिपय अधिकारियों और कर्मियों की मिलीभगत से वेतन निर्धारण में खेल किया गया है. आरोप है कि निगम के कई ”कनीय” (जूनियर) प्रभार वाले कर्मियों का वेतनमान, ”उच्च” प्रभार वाले कर्मियों से ज्यादा तय कर दिया गया है. मेयर ने पत्र में स्पष्ट किया कि इस वित्तीय अनियमितता की जानकारी तत्कालीन नगर आयुक्त को भी दी गई थी, लेकिन संबंधित शाखा प्रभारियों और कर्मियों की स्वेच्छाचारिता के कारण मामले को दबा दिया गया.
वित्तीय अनियमितता और जांच की मांग
मेयर ने कहा कि पूर्व में चतुर्थ, पंचम और षष्ठम वेतनमान का भुगतान अंतर राशि के साथ किया जा रहा है, लेकिन सातवें वेतनमान के मामले में नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को लाभ पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने इसे सरकारी राजस्व का दुरुपयोग बताते हुए वेतन निर्धारण में हुई धांधली की उच्च स्तरीय जांच कराने को कहा है. कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक सातवें वेतनमान के भुगतान पर रोक लगाई जाए. दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है.
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