मृत पिता का राशन कार्ड, डीलर बोले – ””वे ज़िंदा हैं, अंगूठा लगाकर राशन ले जाते हैं!””
Author Prabhat kumar
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He is alive, he takes ration by putting thumb impression!
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मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर
पीडीएस से राशन उठाव में हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मृत व्यक्ति के नाम पर राशन का उठाव किया जा रहा है. राहुल कुमार नामक एक व्यक्ति ने दावा किया है कि उनके पिता शंकर साह की मृत्यु 16 जून 2023 को हो चुकी है, लेकिन फिर भी उनके नाम पर राशन का उठाव जारी है. राहुल ने डीलरों से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि उनके पिता नियमित रूप से आधार कार्ड लेकर आते हैं और अंगूठा लगाकर राशन प्राप्त करते हैं. यह सुनकर राहुल हैरान रह गए, क्योंकि वह अपने पिता का अंतिम संस्कार कर चुके हैं. राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि डीलरों ने उनके नाम पर भी राशन का उठाव किया है. उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है. मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.दो साल पहले पिता की हो चुकी मृत्यु
यह मामला मिठनपुरा थाना क्षेत्र के कालीबाड़ी रोड, सुन्दर बाग का है. राहुल कुमार का कहना है कि उनके पिता शंकर साह की मृत्यु 16 जून, 2023 को तथा उनकी माँ की मृत्यु 19 जुलाई, 2023 को हो चुकी है. बावजूद इसके उनके पिताजी के नाम से राशन का उठाव बराबर हो रहा है. उन्होंने बताया कि मेरे पास राशन कार्ड नहीं है, सिर्फ राशन कार्ड का नंबर है, जिस नंबर से जानकारी लेने पर मुझे पता चला कि मेरे पिताजी के नाम से कोई फर्जीवाड़ा कर राशन का उठाव कर रहा है. साथ-ही-साथ यह राशन का उठाव अलग-अलग जगहों से हो रहा है. जब मैंने इन सभी डीलरों से संपर्क किया तो इन सभी के द्वारा मुझे बताया गया कि आपके पिताजी बराबर आधार कार्ड लेकर आते हैं और अपना अंगूठा लगाकर राशन लेकर चले जाते हैं.सवाल
यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है, जैसे कि क्या कोई व्यक्ति मृत होने के बाद भी राशन ले सकता है? क्या यह राशन वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार का मामला है? क्या किसी ने मृतक के नाम पर फर्जीवाड़ा किया है?डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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लेखक के बारे में
By प्रभात कुमार
प्रभात कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभात का 18 वर्षों का अनुभव है. प्रशासनिक नीतियों के विश्लेषण, राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता में इनकी रुचि है. जटिल विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की इनमें क्षमता है.
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