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चार अंतरों का होगा बीआरएबीयू का कुलगीत

Updated at : 06 Jun 2024 12:26 AM (IST)
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चार अंतरों का होगा बीआरएबीयू का कुलगीत

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मुजफ्फरपुर. बीआरएबीयू के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग में कुलगीत कमेटी की बैठक आयोजित की गयी. अध्यक्षता संयोजक प्रो.रजनीश कुमार गुप्ता ने की. सर्वसम्मति से निर्णय लेया गया कि विवि के कुलगीत की रचना हिंदी भाषा में होगी. कुल गीत अधिकतम चार अंतरा का होगा. विवि के कुलगीत की रचना के लिए विवि की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, विरासत एवं विवि की परिधि में आने वाले छह जिलों की शैक्षणिक धार्मिक, सांस्कृतिक विरासत एवं विवि के महान विभूतियों डॉ राजेंद्र प्रसाद, जानकी वल्लभ शास्त्री, रामधारी सिंह दिनकर, जेबी कृपलानी, रामवृक्ष बेनीपुरी सरीके विभूतियों पर भी चर्चा की गई. विवि के अंतर्गत आने वाले जिलों के नाम मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण व शिवहर का उल्लेख किया गया. कुलगीत की रचना में बीआरए बिहार विवि की शैक्षणिक सांस्कृतिक विरासत एवं उपलब्धियां के विभिन्न पहलुओं के समावेश की अनिवार्यता भी तय की गयी. कहा गया कि प्रविष्टियां अनिवार्य रूप से एमएस वर्ड फाइल में ही होनी चाहिए. रचनाकार को पूरा नाम, पता मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आधार कार्ड व फोटो रचना के साथ अवश्य संलग्न होना चाहिए. कुलपति ने पहले ही घोषणा की है कि कमेटी द्वारा चयनित प्रविष्टि को 25000 रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा. रचना के चयन का अंतिम अधिकार कमेटी सदस्यों का होगा. कमेटी की समस्त गतिविधियों को विवि के अधिकृत वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा. विवि कुलगीत के लिए प्रविष्टियों के लिए एक संस्थागत ईमेल आईडी का निर्माण होगा. इसके लिए आइटी सेल से संपर्क किया जा रहा है. बैठक में स्नातकोत्तर मैथिली विभाग के अध्यक्ष प्रो.इंदूधर झा, एसएनएस कॉलेज संगीत विभाग के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार मिश्रा, आरडीएस कॉलेज दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ पयोली समेत मौजूद रहे.

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