मॉडल अस्पताल में मरीज लौटे खाली हाथ, परिजनों ने किया हंगामा
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर.मॉडल अस्पताल में इलाज से लेकर एंटी-रेबीज इंजेक्शन देने की नई व्यवस्था मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन गई है. मंगलवार को दो दर्जन से अधिक मरीजों के मोबाइल पर ओटीपी नहीं आने के कारण उन्हें एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं दिया जा सका. इससे नाराज मरीजों के परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया. काफी देर इंतजार के बाद भी समाधान नहीं होने पर सभी मरीजों को बिना इंजेक्शन लगाए लौटना पड़ा.
ओटीपी नहीं तो इंजेक्शन नहीं
मरीजों का कहना था कि अगर तकनीकी कारणों से ओटीपी नहीं आ रहा है, तो मैनुअल तरीके से इंजेक्शन दिया जाना चाहिए. हालांकि पारा मेडिकल स्टाफ का कहना था कि जब तक वरीय अधिकारियों से स्पष्ट निर्देश नहीं मिलेगा, तब तक मैनुअल तरीके से एंटी-रेबीज इंजेक्शन देना संभव नहीं है. इस असमंजस के कारण स्थिति और बिगड़ गई.
ठंड बढ़ने से डॉग बाइट के मामले बढ़े
ठंड बढ़ने के साथ ही कुत्तों के काटने की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है. पिछले दो सप्ताह में डॉग बाइट के मामलों में इतनी बढ़ोतरी हुई है कि सदर अस्पताल इससे प्रभावित मरीजों से भरा हुआ है. रोजाना 60 से 70 लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लेने अस्पताल पहुंच रहे हैं, जो चिंता का विषय है.
पालतू कुत्तों के काटने के भी ज्यादा मामले
सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि हाल के दिनों में डॉग बाइट के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. इनमें बड़ी संख्या पालतू कुत्तों के काटने के मामलों की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही पालतू कुत्तों को रैबीज का टीका लगाया जाता है, लेकिन उनके काटने पर भी एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना जरूरी होता है.
वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता
सिविल सर्जन ने बताया कि बढ़ते मामलों को देखते हुए सदर अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, ताकि किसी मरीज को दवा की कमी के कारण परेशानी न हो.
बयानडॉग बाइट के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है. अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं.
डॉ. अजय कुमार, सिविल सर्जनडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

