बीआरए बिहार विवि में अभाविप के तेवर सख्त: अनशन की चेतावनी पर बैकफुट पर आया प्रशासन, वीसी ने तुरंत मानीं दो बड़ी मांगें

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विश्वविधालय में छात्रो का प्रदर्शन

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मुजफ्फरपुर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में अभाविप ने 13 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कुलपति के आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन समाप्त किया।

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बिहार विश्वविद्यालय अभाविप:  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को 13 सूत्री मांगों को लेकर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर जोरदार प्रदर्शन किया. छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो प्रमुख मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने का भरोसा दिया.

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कुलपति से वार्ता पर अड़े रहे छात्र

प्रदर्शन के दौरान जब इंस्पेक्टर ऑफ कॉलेज डॉ. राजीव कुमार और डीआर-2 डॉ. अमर बहादुर शुक्ला वार्ता करने पहुंचे, तो कार्यकर्ताओं ने केवल कुलपति से ही मिलने की जिद रखी. प्रांत सह मंत्री राहुल मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो संगठन आमरण अनशन करेगा. इसके बाद कुलपति ने प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया.

इन दो प्रमुख मांगों पर तुरंत बनी सहमति:

वार्ता में एसएफएस प्रांत संयोजक जितेंद्र राय ने 13 सूत्री ज्ञापन सौंपा, जिस पर कुलपति ने दो मांगों पर तत्काल सहमति दी:

  • कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन: पीजी फर्स्ट सेमेस्टर के परिणाम में हुई गड़बड़ी को लेकर कॉपियों की दोबारा जांच कराई जाएगी.
  • शुल्क वापसी: एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों और सभी छात्राओं से नामांकन शुल्क नहीं लिया जाएगा तथा वसूला गया शुल्क तुरंत वापस किया जाएगा.

अभाविप की अन्य प्रमुख मांगें:

  • दोषपूर्ण परीक्षा परिणामों को जल्द ठीक किया जाए.
  • डिग्री मिलने में हो रहे विलंब और अवैध वसूली पर पूरी तरह रोक लगे.
  • सभी प्रमाण पत्रों के लिए 'सिंगल विंडो सिस्टम' लागू हो.
  • बेतिया स्थित एमजेके कॉलेज के एक्सटेंशन काउंटर को सुचारू रूप से चलाया जाए.
  • विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच हो और जर्जर भवनों की मरम्मत कराई जाए.
  • कन्या उत्थान पोर्टल को दोबारा खोला जाए.
  • पैट परीक्षा पेपर लीक मामले के दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो.
  • सेंट्रल लाइब्रेरी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं.

महानगर मंत्री शिवांशु सिंह और रोहन कन्हाई झा ने कहा कि परिषद छात्रहित की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी. मौके पर सुशील सिंह, राहुल, अभिजीत, मासूम, साक्षी वत्स समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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