31 दिसंबर के बाद ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियां होंगी अमान्य, जानें ऑनलाइन कराने की पूरी प्रक्रिया
प्रतीकात्मक तस्वीर
बिहार में ऑफलाइन रजिस्टर्ड वाहनों के मालिकों के लिए ज़रूरी सूचना है. 31 दिसंबर 2026 के बाद ऐसे वाहन जिनका रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है, उन्हें अमान्य घोषित किया जा सकता है. समय रहते अपने वाहन का रिकॉर्ड ऑनलाइन करा लें.
मुजफ्फरपुर: बिहार में ऑफलाइन रजिस्टर्ड वाहनों के मालिकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है. 31 दिसंबर 2026 के बाद ऐसे वाहन जिनका रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है, उन्हें अमान्य घोषित किया जा सकता है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश के आलोक में राज्य परिवहन आयुक्त की ओर से आम लोगों के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की गयी है.
राज्य के वैसे वाहन जिनका निबंधन अभी भी ऑफलाइन है यानी कंप्यूटर सिस्टम में उनका रिकॉर्ड दिखाई नहीं देता, उनके मालिकों को 31 दिसंबर 2026 तक निर्धारित SOP के तहत बैकलॉग रिकॉर्ड ऑनलाइन कराने का निर्देश दिया गया है.
डीटीओ कार्यालय में आवेदन कराएं रिकॉर्ड ऑनलाइन
वाहन मालिकों को जरूरी दस्तावेजों के साथ अपने जिले के जिला परिवहन कार्यालय यानी DTO में आवेदन करना होगा. सत्यापन के बाद वाहन के पुराने ऑफलाइन रिकॉर्ड की बैकलॉग इंट्री कर उसे ऑनलाइन किया जायेगा.
निर्धारित अवधि तक यदि किसी वाहन का बैकलॉग रिकॉर्ड किसी कारण से ऑनलाइन दर्ज नहीं कराया गया, तो 31 दिसंबर के बाद उसे अमान्य घोषित किया जा सकता है. इसके बाद वाहन मालिकों को चालान, वाहन ट्रांसफर और अन्य कागजी प्रक्रियाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
डीटीओ प्रियंका सिन्हा ने भी वैसे सभी वाहन मालिकों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, जिनके वाहनों का रिकॉर्ड अभी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है.
ऑनलाइन रिकॉर्ड के लिए ये दस्तावेज जरूरी
वाहन का ऑफलाइन रिकॉर्ड ऑनलाइन कराने के लिए वाहन मालिक को निम्न दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे-
- फॉर्म-21 और फॉर्म-22
- सेल/रिटेल इनवॉइस
- प्रथम बीमा यानी फर्स्ट इंश्योरेंस
- निबंधन प्रमाण-पत्र यानी फॉर्म-23
- वाहन स्वामी का पहचान पत्र
इन दस्तावेजों के उपलब्ध होने पर डीटीओ कार्यालय में सत्यापन के बाद वाहन के पुराने रिकॉर्ड की बैकलॉग इंट्री कर उसे ऑनलाइन किया जा सकेगा.
कागजात नहीं हैं तो भी ऑनलाइन आवेदन का विकल्प
यदि किसी वाहन मालिक के पास ऊपर बताये गये सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो उसके लिए भी विशेष प्रक्रिया निर्धारित की गयी है. ऐसे मामलों में राज्य स्तर से विशेष अनुमति और आवश्यक कार्रवाई का प्रावधान है.
इसके लिए वाहन मालिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. उन्हें विभाग की वेबसाइट पर जाकर 'सेल्फ आरसी बैकलॉग प्रोसेस' विकल्प का चयन करना होगा.
ऑफलाइन ऑनरबुक और आधार करना होगा अपलोड
इस प्रक्रिया में वाहन मालिक को अपनी ऑफलाइन ऑनरबुक और आधार कार्ड अपलोड करना होगा. इसके बाद पोर्टल पर दिये गये निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
वाहन सत्यापन के लिए वाहन मालिक को खुद ऑनलाइन तारीख का चयन करना होगा. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन का प्रिंटआउट और शपथ पत्र लेकर निर्धारित तारीख एवं स्थल पर वाहन के साथ सत्यापन के लिए पहुंचना होगा.
साइबर कैफे से भी कर सकते हैं आवेदन
वाहन मालिक यह प्रक्रिया खुद ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं. जिन्हें ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो, वे साइबर कैफे की मदद से भी आवेदन कर सकते हैं.
परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि अंतिम समय का इंतजार न करें और 31 दिसंबर 2026 से पहले अपने ऑफलाइन वाहन रिकॉर्ड को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन करा लें.
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