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जिंदा जलायी गयी छात्रा ने देर रात दम तोड़ा, परिजनों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार, पिता ने कहा...

Updated at : 17 Dec 2019 8:08 AM (IST)
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जिंदा जलायी गयी छात्रा ने देर रात दम तोड़ा, परिजनों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार, पिता ने कहा...

मुजफ्फरपुर : जिले के अहियापुर में जिंदा जलायी छात्रा ने सोमवार की देर रात 11.38 बजे पटना के अपोलो बर्न अस्पताल में दम तोड़ दिया. मौत की पुष्टि छात्रा के बहनोई नीरज कुमार ने की है. छात्रा के शव को फिलहाल अस्पताल में ही रखा गया है. अस्पताल प्रशासन के पोस्टमार्टम कराने की बात को […]

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मुजफ्फरपुर : जिले के अहियापुर में जिंदा जलायी छात्रा ने सोमवार की देर रात 11.38 बजे पटना के अपोलो बर्न अस्पताल में दम तोड़ दिया. मौत की पुष्टि छात्रा के बहनोई नीरज कुमार ने की है. छात्रा के शव को फिलहाल अस्पताल में ही रखा गया है. अस्पताल प्रशासन के पोस्टमार्टम कराने की बात को परिजनों ने इनकार कर दिया है. परिजनों का कहना था कि जब तक सीएम नहीं आयेंगे. शव का पोस्टमार्टम नहीं होगा. घटना के दस दिन बाद भी मुआवजा की घोषणा के बाद भी फूटी कौड़ी नहीं मिली है. सारे रिश्तेदार डर के साये में जी रहे है. वहीं, पीड़ित छात्रा के पिता ने कहा है किगंभीर रूप से जलने के कारण बेटी की मौत हुई है. हम न्याय की मांग करते हैं. पुलिस को उचित कार्रवाई करनी चाहिए.

दोपहर बाद से खराब होने लगी थी छात्रा की तबीयत

अहियापुर में जिंदा जलायी गयी छात्रा दस दिनों तक मौत से जूझती रही. सोमवार की दोपहर से उसकी तबीयत खराब होनी शुरू हो गयी थी. दिन में कई बार उल्टी होने पर डॉक्टर उसकी निगरानी में लगातार जुटे थे. देर शाम उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी. उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने पीड़िता को ऑक्सीजन का सहारा दिया था. उसकी हालत नाजुक देख परिजन देर शाम से ही अस्पताल में रोने लगे थे. सोमवार को कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने पीड़िता से पटना स्थित अस्पताल में जाकर मुलाकात की. उन्होंने घटना की विस्तुत जानकारी ली. इसके बाद परिजनों को पूरी सहायता देने का आश्वासन दिया.

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आइओ से हटाने के लिए परिजन आइजी से करेंगे शिकायत

घटना की जांच के लिए महिला थानेदार आभा रानी को केस का आईओ बनाया गया है. लेकिन, परिजन आईओ के अनुसंधान से संतुष्ट नहीं हैं. परिजनों का कहना है कि महिला थानेदार कॉल रिसीव नहीं करती हैं. केस की प्रगति के बारे में जानकारी लेने पर महिला थानेदार नाराज हो जाती हैं. इसलिए वे लोग उन्हें आईओ से हटाने के लिए आइजी से मिलेंगे. महिला थानेदार के बारे में सभी जानकारी दी जायेगी.

164 का बयान लेने में किया गया विलंब

छात्रा का 164 का बयान कराने में विलंब करने पर महिला थानेदार के खिलाफ परिजन वरीय अधिकारियों से शिकायत भी करेंगे. हालांकि, सोमवार को महिला थानेदार आभा रानी ने 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए सीजेएम कोर्ट में अर्जी सौंपी थी. लेकिन, कोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए पटना के सीजेएम कोर्ट के समक्ष अर्जी दाखिल करने की बात कही है. मंगलवार को वह पटना सीजेएम के समक्ष अर्जी दाखिल करनेवाली थीं. इसके लिए पुलिस ने अभियोजन अधिकारी से मंजूरी ले ली थी.

मुकेश व राजा को रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ

छात्रा की मौत के बाद उसे जलानेवाले आरोपितों को सजा दिलाना ही परिजनों की प्राथमिकता है. पुलिस भी दोनों के रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी देगी. पुलिस की दबिश पर तीन दिन पूर्व मुकेश ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. वहीं, तीसरे आरोपितों की पहचान अब भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है.

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