मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड : ब्रजेश ठाकुर समेत 21 पर चार्जशीट दाखिल, जानें अब आगे क्या होगा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Dec 2018 8:15 AM

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मुजफ्फरपुर : बहुचर्चित बालिका गृह कांड में सीबीआइ ने बुधवार को पॉक्सो कोर्ट में ब्रजेश ठाकुर सहित 21 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया. सीबीआइ ने इसके साथ ही कोर्ट में तीन हजार से अधिक पन्नों की केस डायरी भी सौंपी है. इस कांड में ब्रजेश ठाकुर सहित 19 आरोपित अलग-अलग जेल में बंद हैं. […]

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मुजफ्फरपुर : बहुचर्चित बालिका गृह कांड में सीबीआइ ने बुधवार को पॉक्सो कोर्ट में ब्रजेश ठाकुर सहित 21 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया. सीबीआइ ने इसके साथ ही कोर्ट में तीन हजार से अधिक पन्नों की केस डायरी भी सौंपी है. इस कांड में ब्रजेश ठाकुर सहित 19 आरोपित अलग-अलग जेल में बंद हैं.
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रहे अधिवक्ता दिलीप वर्मा को भी फरार दिखाते हुए उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है. बुधवार की सुबह करीब 11 बजे बालिका गृह कांड की आईओ विभा कुमारी व इंस्पेक्टर रौनक कुमार पॉक्सो कोर्ट पहुंचे और उन्होंने विशेष न्यायाधीश को आरोपपत्र व केस डायरी सौंपी.
इन पर दायर हुई चार्जशीट
पटियाला जेल में बंद ब्रजेश ठाकुर, पटना के बेऊर जेल में बंद मीनू देवी, इंदु कुमारी, चंदा देवी, हेमा मसीह, नेहा कुमारी, किरण कुमारी, मंजू देवी, सहायक निदेशक रहीं रोजी रानी, सीपीओ रवि रोशन, सीडबल्यूसी के सदस्य रहे विकास कुमार, बालिका गृह का ऑटो चलाने वाला गौरव उर्फ मोटू (शहीद खुदीराम केंद्रीय कारा में बंद), रामाशंकर ठाकुर उर्फ मामू, पारा लीगल वोलेंटियर संतोष कुमार, सफाईकर्मी संतोष, कृष्णा, ब्रजेश का चालक विजय तिवारी, हेल्पर गुड्डू, शाइस्ता प्रवीण उर्फ मधु, झोलाछाप डॉक्टर अश्विनी कुमार और अधिवक्ता दिलीप वर्मा.
पुलिस की चार्जशीट में थे 10 अभियुक्त
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टिस) की ऑडिट रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह की बच्चियों के साथ यौनशोषण का मामला उजागर होने के बाद महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. बाद में 26 जुलाई को राज्य सरकार ने मामले की जांच का जिम्मा सीबीआइ को सौंप दिया.
28 जुलाई काे सीबीआइ जांच के लिए तैयारी हुई. सीबीआइ ने 29 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज कर बंद लिफाफा कोर्ट में भेजा था. तत्कालीन एसपी जेपी मिश्रा ने बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक रहे दिवेश शर्मा को ही सूचक बनाते हुए प्राथमिकी की कॉपी कोर्ट में दी थी.
इंस्पेक्टर विभा कुमारी को आइओ बनाया गया था. इसके पहले मुजफ्फरपुर पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट सौंपा था, जिसमें 10 आरोपित बताये गये थे. सीबीआइ की इंस्पेक्टर विभा कुमारी ने 29 अगस्त को कोर्ट में आवेदन देकर केस को पॉक्साे कोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए आवेदन दिया. 30 अगस्त को सीबीआइ के विशेष मजिस्ट्रेट ने पॉक्साे कोर्ट में केस से संबंधी फाइल भेजने का आदेश दिया.
अब आगे क्या
सीबीआइ द्वारा दाखिल चार्जशीट के अध्ययन के बाद पॉक्सो कोर्ट संज्ञान लेगा. अभियुक्तों को समन जारी कर उन्हें कोर्ट में बुलाया जायेगा. फिर आरोप तय करने की कार्रवाई होगी. आरोप तय हो जाने के बाद ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी और गवाहों के बयान दर्ज होंगे.
इन धाराओं में चार्जशीट
120 बी, 376, 34 आइपीसी, 4/6/8/10/12 पॉक्सो एक्ट
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