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बिहार में अधिकारी अब बिना वजह दाखिल- खारिज आवेदन नहीं कर सकेंगे रद्द, कार्रवाई करने का आदेश जारी

Updated at : 14 Jul 2023 3:10 AM (IST)
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बिहार में अधिकारी अब बिना वजह दाखिल- खारिज आवेदन नहीं कर सकेंगे रद्द, कार्रवाई करने का आदेश जारी

बिहार में अब गलत तरीके या बिना उचित कारण दर्शाये खारिज किये गये दाखिल- खारिज आवेदनों में संबंधित अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी व राजस्व कर्मचारी से स्पष्टीकरण पूछा जाएगा. स्पष्टीकरण का जवाब असंतोषजनक पाये जाने पर संबंधित कर्मी या पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी.

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पटना. बिहार में अब उचित कारण के बगैर दाखिल- खारिज का आवेदन रद्द करना अधिकारियों के लिए मुश्किल बन सकता है. ऐसे करने पर संबंधित अधिकारी और कर्मी के खिलाफ कार्रवाई होगी. यह निर्देश गुरुवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने दिया है. वे दक्षिण बिहार के भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं की बैठक को ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे.

बिना वजह दाखिल- खारिज आवेदन रद्द करने पर होगी कार्रवाई

बैठक में उन्होंने भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को निर्देश दिया कि वे बिना उचित कारण के म्यूटेशन को अस्वीकृत करने के मामले की गहन जांच करें. जांच के दौरान गलत तरीके या बिना उचित कारण दर्शाये खारिज किये गये आवेदनों में संबंधित अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी व राजस्व कर्मचारी से स्पष्टीकरण पूछें. स्पष्टीकरण का जवाब असंतोषजनक पाये जाने पर संबंधित कर्मी या पदाधिकारी पर प्रपत्र ’क’ गठित कर नियमानुसार कार्रवाई करने की अनुशंसा संबंधित कार्यालय या विभाग से करें.

आधार सीडिंग का कार्य जल्द- से -जल्द पूरा कराने का निर्देश

बैठक में समीक्षा के दौरान जमाबंदी की आधार सीडिंग करने के कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं पायी गयी. कई अंचल में अभी तक इस विषय पर सर्वे का काम भी पूरा नहीं किया गया है. सभी भूमि सुधार समाहर्ताओं को आधार सीडिंग का कार्य जल्द- से -जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया गया. विभाग के सचिव जय सिंह ने भूमि सुधार समाहर्ताओं से कहा कि आधार सीडिंग विभाग का एक महत्वाकांक्षी अभियान है. रैयतों द्वारा धारित जमाबंदी का आधार के साथ संबंद्ध होने पर कई प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सकता है.

बीएलडीआर एक्ट मामले में डीसीएलआर से स्पष्टीकरण

बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि बिहार लैंड डिस्प्यूट रिजोल्यूशन एक्ट (बीएलडीआर एक्ट) के अंतर्गत दायर वादों को संबंधित पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जा रहा है. सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले अनुमंडल आरा, सासाराम, डुमरांव, पालीगंज, भागलपुर और नवगछिया हैं. सभी छह अनुमंडल के डीसीएलआर से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया. साथ ही नालंदा, आरा, भागलपुर, मसौढ़ी, बाढ़ और बिहारशरीफ अनुमंडल में बीएलडीआर एक्ट के तहत मामले के निबटारे की स्थिति असंतोषजनक पायी गयी. अगली बैठक में इन सभी डीसीएलआर से स्पष्टीकरण के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया. इस एक्ट के प्रचार-प्रसार का निर्देश सभी डीसीएलआर को दिया गया. साथ ही विभाग स्तर से इससे संबंधित विज्ञापन निकालने का निर्देश दिया गया.

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दाखिल- खारिज निबटारा होने के तीन दिन के भीतर अपलोड नहीं करने वाले कर्मी नपेंगे

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा है कि लिपिक, राजस्व कर्मचारी, राजस्व अधिकारी और अंचल अधिकारी के लॉगिन में बिना कारण कई दिन तक दाखिल- खारित के लंबित मामले पाये गये हैं. कई मामलों में पाया गया कि संबंधित लिपिक द्वारा दाखिल -खारिज का अंतिम निबटारा को अपलोड करने में अनावश्यक विलंब किया जाता है. उन्होंने कहा कि अधिकारियों के आदेश पारित के तीन दिन बाद तक यदि संबंधित कर्मी द्वारा उसे अपलोड नहीं किया जाता है तो वैसे मामले की समीक्षा कर संबंधित कर्मी पर कार्रवाई की जायेगी.

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