27 वर्षों के बाद भी न्यायालय परिसर में नहीं बना महिला प्रकोष्ठ भवन

विधिज्ञ संघ मुंगेर में मूलभूत सुविधाओं की कमी से महिला अधिवक्ता परेशान हैं.
मुंगेर. विधिज्ञ संघ मुंगेर में मूलभूत सुविधाओं की कमी से महिला अधिवक्ता परेशान हैं, जबकि मुंगेर विधिज्ञ संघ के महिला शाखा भवन के लिए जमीन भी आवंटित हुई और इसका शिलान्यास वर्ष 1997 में पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शशांक कुमार सिंह द्वारा किया गया. बावजूद अबतक महिला शाखा का भवन नहीं बन सका है. अब स्थिति यह है कि चिन्हित स्थल का अतिक्रमण कर लिया गया है और उसे मोटर साइकिल स्टैंड बना दिया गया है. यहां तक कई अधिवक्ताओं ने अपना चैंबर तक बना लिया है.
महिला शाखा भवन नहीं बनने से अधिवक्ताओं में है नाराजगी
मुंगेर न्यायालय परिसर में कार्यरत महिला अधिवक्ताओं ने महिला प्रकोष्ठ के लिए आवंटित भूमि पर अबतक भवन निर्माण नहीं होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है. उनका कहना है कि वर्ष 1997 में शिलान्यास होने के बावजूद आजतक महिला प्रकोष्ठ का भवन तक नहीं बनाया गया है. और तो और चयनित स्थल पर कई अधिवक्ता चैंबर बनाकर कार्यालय संचालित कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर चयनित स्थल का मोटर साइकिल स्टैंड का उपयोग किया जा रहा है. ऐसे में महिलाओं अधिवक्ताओं को बैठने, फाइल रखने एवं मुअक्किलों से गोपनीय बातचीत करने तक की कोई व्यवस्था नहीं है.
1997 में हुआ था महिला शाखा भवन का शिलान्यास
मुंगेर. महिला अधिवक्ता ने मनीषा सिंह, उर्मिला कुमारी, अनिता कुमारी, मृदुला कश्यप सहित अन्य ने विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष को आवेदन देकर अपनी परेशानी बतायी है. आवेदन में बताया गया कि 12 नवंबर 1997 को माननीय न्यायमूर्ति शशांक कुमार सिंह, पटना द्वारा महिला शाखा भवन का शिलान्यास किया गया था. इसके बाद जिलाधिकारी ने भवन निर्माण के लिए जमीन भी आवंटित किया, लेकिन आजतक महिला अधिवक्ताओं के लिए उक्त जमीन पर बैठने तक की व्यवस्था नहीं की गयी है, जिससे कार्य करने में कठिनाई हो रही है, जबकि आज के तादाद में न्यायालय में महिला अधिवक्ताओं की संख्या में इजाफा हुआ है. अधिवक्ताओं ने विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष से इस दिशा में ठोस पहल करने की मांग की है. अधिवक्ताओं ने इसकी सूचना राज्य बार काउंसिल, पटना को भी अवगत कराया है, ताकि महिला अधिवक्ताओं को न्यायालय परिसर में बैठने का उचित स्थान मिल सके.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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