मूसलाधार बारिश से धंसी सदर अस्पताल के पीछे की सड़क, कई इलाकों में बिजली गुल

सदर अस्पताल के पीछे धंसी सड़क | Prabhat Khabar Network
मुंगेर जिले में शनिवार की अहले सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के विकास और तैयारी के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलकर रख दी है. कुछ ही घंटों की तेज बारिश के कारण शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली सड़कों से लेकर बुनियादी बिजली-पानी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.
इस भारी बारिश का सबसे बड़ा असर जिला सदर अस्पताल के समीप देखने को मिला, जहां अस्पताल के ठीक पीछे की मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर धंस गया. सड़क धंसने के कारण इस व्यस्त मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है. इसके अलावा, तकनीकी खराबी के चलते शहर के एक बड़े हिस्से में घंटों बिजली गुल रही, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह बेपटरी हो गया है.
सदर अस्पताल के पीछे धंसी सड़क, राहगीरों के लिए बना बड़ा खतरा
शनिवार की सुबह जैसे ही तेज बारिश शुरू हुई, सदर अस्पताल के पीछे से गुजरने वाली मुख्य सड़क का एक हिस्सा पानी के तेज बहाव और ड्रेनेज के अभाव में अचानक बैठ गया.
- यातायात ठप: बीच सड़क पर गहरा गड्ढा हो जाने के कारण आपातकालीन वाहनों, एम्बुलेंस और आम राहगीरों की आवाजाही को तुरंत रोकना पड़ा.
- बड़ा हादसा टला: गनीमत यह रही कि अहले सुबह सड़क धंसने के वक्त वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी. स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में धंसे हुए हिस्से के चारों ओर घेराबंदी की ताकि कोई उसमें गिर न सके.
मोहल्लों में नाले का पानी ओवरफ्लो, घुटनों तक डूबीं सड़कें
शहरी जल निकासी की सुस्त व्यवस्था के कारण मुंगेर के अधिकांश निचले इलाकों और प्रमुख मोहल्लों में स्थिति नारकीय हो गई है. मुख्य नालों की समय पर सफाई न होने की वजह से गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगा. पैदल चलने वाले राहगीरों और बाइक चालकों को इसी दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. जलजमाव के चलते मुख्य बाजारों में भी सुबह के वक्त सन्नाटा पसरा रहा.
तकनीकी खराबी से घंटों ब्लैकआउट, ठप रहा कारोबार
बारिश के साथ ही बिजली विभाग की लचर व्यवस्था भी सामने आ गई. तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण मुख्य ट्रांसमिशन लाइन में अचानक तकनीकी खराबी (फॉल्ट) आ गई.
- अंधेरे में डूबा शहर: शहर के कई प्रमुख वार्डों और रिहायशी इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही.
- व्यवसाय प्रभावित: बिजली न रहने से घरेलू कामकाज प्रभावित होने के साथ-साथ इनवर्टर डाउन हो गए. इसके अलावा छोटे दुकानदारों, फोटोस्टेट व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का कामकाज भी पूरी तरह ठप रहा. हालांकि, बिजली विभाग की तकनीकी टीम पेट्रोलिंग कर फॉल्ट ढूंढने और आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटी रही.
हर साल का वही रोना, स्थायी समाधान की मांग पर अड़े लोग
"हर वर्ष मॉनसून की पहली या दूसरी बारिश के दौरान ही मुंगेर शहर की यही बदहाल तस्वीर सामने आती है. कभी सड़कें धंसती हैं तो कभी पूरा शहर टापू बन जाता है. नगर निगम हर बार स्थायी समाधान की बात तो करता है, लेकिन धरातल पर ठोस पहल नहीं होने से टैक्स देने वाले आम नागरिकों को हर साल यह नारकीय परेशानी झेलनी पड़ती है." — स्थानीय निवासी, मुंगेर शहर
आक्रोशित शहरवासियों ने मुंगेर नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की है कि सदर अस्पताल के पीछे धंसी हुई सड़क की अविलंब युद्धस्तर पर मरम्मत कराई जाए, शहर के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त कर जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था की जाए और बारिश के इस पूरे मौसम में संवेदनशील स्थलों की नियमित रूप से तकनीकी निगरानी सुनिश्चित की जाए.
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लेखक के बारे में
By राणा गौरी शंकर
राणा गौरी शंकर प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक आज से की. अभी प्रभात खबर के मुंगेर कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.
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