बाजार भाव के आगे फीकी पड़ी सरकारी खरीद, अबतक लक्ष्य का मात्र 30 प्रतिशत ही हो सकी गेहूं अधिप्राप्ति

Published by : VINOD RAO Updated At : 12 Jun 2026 5:22 PM

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विभागीय आंकड़ों के अनुसार अबतक केवल 540.015 मीट्रिक टन गेहूं की ही सरकारी खरीदारी हो पाई है. खरीद प्रक्रिया आगामी 15 जून तक जारी रहेगी, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए लक्ष्य पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है.

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1813 एमटी खरीद का लक्ष्य, अबतक सिर्फ 540 एमटी गेहूं की खरीद, मात्र 3 दिन बचा है शेष

मुंगेर जिले में इस वर्ष गेहूं अधिप्राप्ति की रफ्तार काफी धीमी बनी हुई है. सरकार द्वारा जिले को 1813 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन अबतक लक्ष्य के मुकाबले मात्र लगभग 30 प्रतिशत ही खरीद हो सकी है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार अबतक केवल 540.015 मीट्रिक टन गेहूं की ही सरकारी खरीदारी हो पाई है. खरीद प्रक्रिया आगामी 15 जून तक जारी रहेगी, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए लक्ष्य पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है.गेहूं देने वाले 171 में 165 किसानों को राशि का हुआ भुतान जिले में कुल 171 किसानों ने सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचा है. इनमें से 165 किसानों को भुगतान भी कर दिया गया है, जबकि शेष किसानों की राशि भुगतान प्रक्रिया में है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि किसानों को समय पर भुगतान उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. जानकारी के अनुसार जिले के 27 पैक्सों को गेहूं खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इन पैक्सों के माध्यम से किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की जा रही है. हालांकि अधिकांश केंद्रों पर खरीद की रफ्तार अपेक्षा से काफी कम रही. अबतक खरीदे गए गेहूं में से 136.728 मीट्रिक टन गेहूं भारतीय खाद्य निगम (एसएफसी) को उपलब्ध कराया जा चुका है.

बाजार भाव के आगे फीकी पड़ी सरकारी खरीद

विभागीय स्तर पर बताया गया कि सरकारी समर्थन मूल्य की तुलना में खुले बाजार में किसानों को गेहूं का बेहतर दाम मिल रहा है. जहां सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2,585 पर खरीद की जा रही है, वहीं बाजार में किसानों को 2,800 रुपये प्रति क्विंटल तक की कीमत मिल रही है. यही कारण है कि अधिकांश किसान सरकारी केंद्रों की बजाय खुले बाजार में व्यापारियों को गेहूं बेचने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं. किसानों का कहना है कि बाजार में तुरंत नकद भुगतान और अधिक मूल्य मिलने के कारण वे सरकारी खरीद केंद्रों पर जाने से बच रहे हैं. कई किसानों ने यह भी कहा कि सरकारी प्रक्रिया अपेक्षाकृत लंबी होने से भी वे निजी व्यापारियों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

क्या बोलीं जिला सहकारिता पदाधिकारी

जिला सहकारिता पदाधिकारी मीनू कुमारी ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ देने के उद्देश्य से गेहूं अधिप्राप्ति अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सभी पैक्सों को खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. अबतक जिले में 540.015 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है और किसानों को समय पर भुगतान कराया जा रहा है. लेकिन बाजार में अधिक कीमत मिलने के कारण किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेच रहे हैं, फिर भी विभाग लक्ष्य प्राप्ति के लिए लगातार प्रयासरत है. ——————————————-बॉक्स ——————————————-एक नजर इस पर प्रखंड का नाम पैक्स की संख्या बेचने वाले किसान कुल खरीदारी असरगंज 02 09 22.954 एमटी बरियारपुर 03 17 64.300 एमटी धरहरा 01 13 29.000 एमटी हवेली खड़गपुर 03 16 46.250 एमटी जमालपुर 01 15 44.826 एमटी मुंगेर सदर 02 17 58.057 एमटी संग्रामपुर 04 25 111.600 एमटी तारापुर 06 34 86.458 एमटी टेटियाबंबर 05 25 76.570 एमटी

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