शिवकुंड दुर्गास्थान गंगा घाट बना डेथ प्वाइंट, पांच साल में डूबने से छह की मौत

Updated at : 02 Mar 2025 8:04 PM (IST)
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शिवकुंड दुर्गास्थान गंगा घाट बना डेथ प्वाइंट, पांच साल में डूबने से छह की मौत

हेमजापुर से लेकर घोरघट तक मुंगेर जिले की सीमा में गंगा बहती है. गंगा किनारे बसे हर गांव के पास गंगा घाट है. जहां लोग गंगा स्नान करने के लिए पहुंचते हैं.

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मुंगेर. हेमजापुर से लेकर घोरघट तक मुंगेर जिले की सीमा में गंगा बहती है. गंगा किनारे बसे हर गांव के पास गंगा घाट है. जहां लोग गंगा स्नान करने के लिए पहुंचते हैं. लेकिन इन घाटों की श्रृंखला में एक ऐसा भी घाट है शिवकुंड दुर्गा स्थान, जहां डुबकी लगाने के बाद मौत मिल रही है. इसके कारण अब इसे मौत वाला घाट भी कहा जाने लगा है. यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि आंकड़े बोल रहे हैं. पिछले पांच साल में अकेले इस घाट पर छह लोगों की डूबने मौत हो चुकी है.

हेमजापुर थाना क्षेत्र के शिवकुंड दुर्गा स्थान गंगा घाट पर 1 मार्च 2025 को स्नान करने के दौरान दो युवकों की डूबने से मौत हो गयी. जो अपने रिश्तेदार के घर शिवकुंड ब्रह्मण टोला आया था. यह कोई पहली घटना नहीं है. वर्ष 2021 से लेकर अब तक छह लोगों की मौत इस घाट पर गंगा स्नान करने के दौरान हो चुकी है. आंकड़ों पर गौर करें तो जून 2021 में शिवकुंड निवासी मासूम रौशन कुमार की मौत डूबने से हो गयी थी. जबकि वर्ष 2022 में शिवकुंड निवासी बालक रितेश कुमार की मौत स्नान करने के दौरान यहां हो गयी थी. 26 जून 2023 को शिवकुंड निवासी 34 वर्षीय एक महिला की मौत यहां हो गयी थी जबकि 3 जून 2024 को वार्ड सदस्य नटवर सिंह की पुत्री कली कुमारी की मौत हो गयी थी.

खतरनाक घाट का लगा है बोर्ड, नहीं है दुर्घटना रोकने की व्यवस्था

शिवकुंड दुर्गा स्थान गंगा घाट पर प्रशासनिक स्तर पर छठ पर्व के दौरान घाट पर खतरनाक घाट का बोर्ड लगाया गया था. लेकिन उस घाट पर दुर्घटना को रोकने के लिए कोई सुदृढ व्यवस्था नहीं की गयी है. जिसके कारण इस घाट पर आये दिन गंगा में डूब कर मरने की घटना हो रही है. हालांकि स्थानीय जनता भी जागरूक नहीं है कि जब यह घाट खतरनाक है तो आखिर लोग क्यों गहरे पानी में स्नान करने चले जाते है. प्रशासन और स्थानीय लोगों को इसके प्रति ठोस पहल करनी होगी, ताकि किसी के घर का चिराग न बुझे.

36 घंटे बाद भी गंगा में डूबे दूसरे युवक की नहीं हो सकी बरामदगी

मुंगेर. शिवकुंड दुर्गा स्थान गंगा घाट पर शनिवार की सुबह गंगा स्नान करने के दौरान मधेपुरा जिले के निहाल पट्टी निवासी भावानंद झा का 21 वर्षीय पुत्र बिट्टू कुमार एवं बांका जिले के राजपुर धौरी निवासी रंजीत झा का 18 वर्षीय पुत्र सत्यम कुमार उर्फ कालू डूब गया. जो शिवकुंड ब्रह्मण टोला निवासी मोहन मिश्रा के घर रिश्तेदारी में आया हुआ था. काफी जद्दोजहद के बाद गौताखोरों की टीम ने बिट्टू के शव को गंगा से ढूढ़ कर शनिवार को अपराह्न 3 बजे निकाल लिया था. लेकिन सत्यम का घटना के 36 घंटे बाद भी कुछ पता नहीं चल सका है. जबकि रविवार की सुबह 9 बजे से गोताखोर की टीम लगातार उसकी खोज में जुटे रहे. इधर दोनों मृतक के परिजन शनिवार की शाम ही शिवकुंड पहुंच गये थे. बिट्टू के शव को परिजन रोते-बिखलते बांका लेकर चले गये. जबकि दूसरे मृतक के परिजन शिवकुंड गंगा घाट पर रविवार को रोते-बिखते बेटे को देखने के पड़े हुए थे. परिजनों के आंखों से आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहा था.

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