सत्संग मानव जीवन के लिए अमृत समान : चतुरानंद महाराज

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प्रधान आचार्य ब्रह्मर्षि चतुरानंद जी महाराज ने कहा कि सत्संग मानव जीवन के अमृत समान है. अमृतपान करने वाले मनुष्य बड़े ही भाग्यशाली होते हैं.

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53वां वार्षिक जिला अधिवेशन में शामिल हुए संतमत सत्संग के अनुयायी

हवेली खड़गपुर. प्रधान आचार्य ब्रह्मर्षि चतुरानंद जी महाराज ने कहा कि सत्संग मानव जीवन के अमृत समान है. अमृतपान करने वाले मनुष्य बड़े ही भाग्यशाली होते हैं. वे रविवार को प्रखंड के पहाड़पुर जवायत मार्ग के ऋषिकुंड के समीप आयोजित जिला संतमत सत्संग का 53वां वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए कही. इस अधिवेशन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संतमत के अनुयायी शामिल हुए.

पहले दिन की पहली पाली में स्वामी युगलानंद ने संत वाणी और उपनिषद का पाठ किया. इसके बाद आचार्य ब्रह्मर्षि चतुरानंद जी महाराज ने कहा कि जप, ध्यान के द्वारा मोक्ष की प्राप्ति के लिए भजन भेद लेकर साधना शुरू करें. स्वामी रुदल बाबा ने कहा कि समाज में शांति लाने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान चाहिए, जिससे लोग समाज में सदाचारी बनेंगे. फिर राजनीति भी अच्छी हो जाएगी. सत्संग में परमेश्वर बाबा, निरंजन बाबा, विप्रवर बाबा, निरंजन ब्रह्म, स्वामी दयानंद जी महाराज, स्वामी प्रेमानंद जी महाराज ने भी अपने ओजस्वी वाणी से लोगों को प्रेरणा का आध्यात्मिक संदेश दिया. वहीं अधिवेशन में संतमत के सिद्धांतों एवं महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के उपदेशों पर चर्चा के साथ आध्यात्मिक उन्नति एवं समाज कल्याण का संदेश दिया गया.

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