मानदेय भुगतान की मांग को लेकर आउटसोर्सिंग कर्मियों का धरना जारी

Author Amit jha
Updated:
विज्ञापन
मानदेय भुगतान की मांग को लेकर आउटसोर्सिंग कर्मियों का धरना जारी

अपने 17 माह के बकाये मानदेय भुगतान की मांग को लेकर मुंगेर विश्वविद्यालय में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मी 15 मई से ही हड़ताल पर हैं, जोकि सोमवार को भी जारी रहा.

विज्ञापन

मुंगेर. अपने 17 माह के बकाये मानदेय भुगतान की मांग को लेकर मुंगेर विश्वविद्यालय में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मी 15 मई से ही हड़ताल पर हैं, जोकि सोमवार को भी जारी रहा. हालांकि विश्वविद्यालय द्वारा जहां आउटसोर्सिंग कर्मियों के बकाया मानदेय गणना को लेकर कोटी गठित कर दी गयी है. वहीं आउटसोर्सिंग कर्मी मानदेय भुगतान होने तक धरने पर बैठे रहने को लेकर अड़े हैं. इधर विश्वविद्यालय व आउटसोर्सिंग कर्मियों के बीच चल रहे टकराव के बीच सबसे अधिक विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं, क्योंकि आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल को लेकर विश्वविद्यालय द्वारा सभी शैक्षणिक प्रक्रियाओं को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.

एमयू के आउटसोर्सिंग कर्मी सोमवार को भी विश्वविद्यालय में धरने पर बैठे रहे. आउटसोर्सिंग कर्मियों ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा मानदेय गणना को लेकर कमेटी बनायी गयी है, लेकिन विश्वविद्यालय अपने वादे के अनुसार चार माह के मानदेय का भुगतान नहीं कर रही है. विश्वविद्यालय चार माह के मानदेय का भुगतान कर दे और गणना के बाद शेष भुगतान करे, ताकि 17 माह से बिना मानदेय के कार्य कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मियों को थोड़ी राहत मिल सके. आउटसोर्सिंग कर्मियों ने कहा कि विश्वविद्यालय मानदेय भुगतान को लेकर बार-बार केवल आश्वासन देता है, जबकि अबतक कई बार चार माह तो कई बार पांच माह के मानदेय भुगतान का आश्वासन दिया गया है, लेकिन भुगतान एक माह का भी नहीं किया गया है. ऐसे में जबतक विश्वविद्यालय द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है, हड़ताल और धरना जारी रहेगा.

एमयू के विद्यार्थी हो रहे परेशान

एमयू और आउटसोर्सिंग कर्मियों के बीच चल रहे टकराव के कारण सबसे अधिक परेशान विद्यार्थी हो रहे हैं, क्योंकि हड़ताल के कारण विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2022-25 स्नातक पार्ट-3 तथा सत्र 2024-28 स्नातक सेमेस्टर-2 के लिए नामांकन व परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है, जिसके कारण विद्यार्थी परेशान हैं. इतना ही नहीं आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल के कारण विश्वविद्यालय के अधिकांश कार्यालयों में कार्य लगभग ठप पड़ गया है, जिसमें सबसे अधिक परेशानी परीक्षा विभाग में हो रही है. जहां विद्यार्थियों के आने की संख्या भी सबसे अधिक होती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
अमित झा

लेखक के बारे में

By अमित झा

अमित झा प्रिंट माध्यम में 06 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन