कोर्स पूरा करने के लिये केवल एक माह का समय, रिजल्ट के लिये चार महीना

Updated at : 05 Apr 2026 6:21 PM (IST)
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कोर्स पूरा करने के लिये केवल एक माह का समय, रिजल्ट के लिये चार महीना

राजभवन द्वारा भले ही स्नातक और पीजी जैसे सत्रों के लिये कोर्स पूरा करने को लेकर समय निर्धारित किया है, लेकिन एमयू में इन नियमों का पालन नहीं के बराबर ही होता है.

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बदहाली. एमयू में केवल नामांकन और परीक्षा के बीच ही उलझे रहते हैं विद्यार्थी

मुंगेर. राजभवन द्वारा भले ही स्नातक और पीजी जैसे सत्रों के लिये कोर्स पूरा करने को लेकर समय निर्धारित किया है, लेकिन एमयू में इन नियमों का पालन नहीं के बराबर ही होता है. क्योंकि एमयू के कॉलेजों में पढ़ने वाले स्नातक और पीजी के विद्यार्थियों को भले ही अपने एक सेमेस्टर के रिजल्ट के लिये तीन से चार माह का लंबा इंतजार करना पड़ता हो, लेकिन उन्हें छह माह का कोर्स पूरा करने के लिये केवल एक या दो माह ही समय मिलता है. ऐसे में एमयू के कॉलेजों में विद्यार्थियों को मिल रहे उच्च शिक्षा के हाल को समझा जा सकता है.

नामांकन और परीक्षा के बीच ही उलझे रहते हैं विद्यार्थी

एमयू में स्नातक हो या पीजी, विद्यार्थियों को सेमेस्टर के अनुसार परीक्षा देनी है. वहीं प्रत्येक सेमेस्टर के कोर्स को पूरा करने के लिये वैसे तो नियमानुसार विद्यार्थियों को 6 माह का समय मिलना चाहिए, लेकिन यहां विद्यार्थियों को अपने 6 माह का कोर्स केवल एक या दो माह में ही पूरा करना होता है, क्योंकि उसके बाद विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा की तिथि घोषित कर दी जाती है. बता दें कि एमयू द्वारा सत्र 2025-29 स्नातक सेमेस्टर-1 में नामांकन की प्रक्रिया भले ही नवंबर 2025 में आरंभ की गयी, लेकिन नामांकन प्रक्रिया जनवरी 2026 में पूर्ण हुई. एक माह बाद ही एमयू द्वारा उक्त सत्र की परीक्षा भी ले ली गयी. ऐसे में स्नातक सेमेस्टर-1 के विद्यार्थियों द्वारा अपने 6 माह के कोर्स की परीक्षा केवल एक माह की पढ़ाई में ही देना पड़ा. हालांकि, यह हाल स्नातक और पीजी के लगभग सभी सत्रों का है. जहां पढ़ाई के लिये विद्यार्थियों को केवल एक या दो माह में ही कोर्स पूरा कर परीक्षा देना होता है.

रिजल्ट के लिये होता है लंबा इंतजार

एमयू जहां अपने विद्यार्थियों को एक सेमेस्टर का कोर्स पूरा करने के लिये भले ही एक या दो माह समय देता हो, लेकिन रिजल्ट के लिये तीन से चार माह का लंबा इंतजार ही इस पूरे सेमेस्टर को छह माह का कर देता है. इसका अंदाजा केवल इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो माह बाद भी जहां अबतक सत्र 2025-29 स्नातक सेमेस्टर-1 की उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है. वहीं पूर्व में सत्र 2023-27 स्नातक सेमेस्टर-4 तथा सत्र 2024-28 स्नातक सेमेस्टर-2 के विद्यार्थियों को अपने रिजल्ट के लिये चार माह का लंबा इंतजार करना पड़ा था.

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AMIT JHA

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