मौसम बदलते ही सदर अस्पताल में बढ़े दस्त व डायरिया के मरीज, बुखार व सांस की तकलीफ ने बढ़ायी परेशानी

Author Amit jha
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मौसम बदलते ही सदर अस्पताल में बढ़े दस्त व डायरिया के मरीज, बुखार व सांस की तकलीफ ने बढ़ायी परेशानी

गर्मी बढ़ने के साथ जिले में तापमान भी बढ़ने लगा है. इस कारण गर्मी के मौसम में सर्वाधिक होने दस्त व डायरिया के मामले भी सदर अस्पताल में बढ़ने लगे हैं.

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मार्च माह के 14 दिनों में आये दस्त के 77, बुखार के 64 व सांस की तकलीफ के 28 मरीज

मुंगेर. गर्मी बढ़ने के साथ जिले में तापमान भी बढ़ने लगा है. इस कारण गर्मी के मौसम में सर्वाधिक होने दस्त व डायरिया के मामले भी सदर अस्पताल में बढ़ने लगे हैं. इसके अतिरिक्त बुखार और सांस की तकलीफ वाले मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है. हालांकि, मॉडल अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बन जाने से अब दस्त व डायरिया के मरीजों को काफी राहत मिली है.

ओपीडी में प्रतिदिन दस्त के औसतन 10 मरीज इलाज के लिये पहुंच रहे

मौसम बदलते ही अस्पताल के ओपीडी सहित इमरजेंसी वार्ड में भी दस्त व डायरिया के मरीजों के पहुंचने का सिलसिला बढ़ गया है. सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड जहां मार्च माह के 14 दिनों में दस्त व डायरिया के कुल 77 मरीज इलाज के लिये पहुंचे हैं. वही ओपीडी में प्रतिदिन आंशिक रूप से दस्त के औसतन 10 मरीज इलाज के लिये पहुंच रहे हैं, जबकि केवल शनिवार को सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दस्त व डायरिया के कुल 13 मरीज इलाज के लिये पहुंचे. इसमें 8 मरीज को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया.

बुखार व सांस की तकलीफ के भी बढ़ रहे मरीज

गर्मी बढ़ने के साथ सदर अस्पताल में मौसमी बुखार और सांस की तकलीफ के मरीजों की संख्या भी बढ़ गयी है. इमरजेंसी वार्ड में मार्च माह के 14 दिनों में बुखार के 64 मरीज इलाज के लिये पहुंच चुके हैं, जबकि ओपीडी में प्रतिदिन 60 से 70 बुखार के मरीज इलाज के लिये पहुंच रहे हैं. इतना ही नहीं गर्मी के कारण धूल भरी हवा चलने से सांस की तकलीफ के मरीजों की संख्या भी बढ़ गयी है. इमरजेंसी वार्ड में अबतक सांस की तकलीफ के 28 मरीज इलाज के लिये आ चुके हैं. इसमें 20 मरीज वृद्ध हैं.

बदलते मौसम में रखें विशेष परहेज

सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ हर्षवर्धन ने बताया कि तापमान बढ़ने के कारण गर्मी भी बढ़ रही है. ऐसे में लोग अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें. उन्होंने बताया कि इन दिनों बासी खाना से बिल्कुल परहेज करें और हमेशा ताजा भोजन करें. पानी अधिक से अधिक मात्रा में पीयें और अपने आसपास सफाई रखें, क्योंकि कई बीमारियों गंदगी, दूषित भोजन और पानी के कारण होती है. रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग निश्चित रूप से करें.

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अमित झा

लेखक के बारे में

By अमित झा

अमित झा प्रिंट माध्यम में 06 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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