हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा मुंगेर का गोयनका शिवालय, सोमवार को उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 18 May 2026 7:44 AM

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मुंगेर का गोयनका शिवालय

Aaj Ka Darshan : सावन हो या सामान्य सोमवार, मुंगेर का गोयनका शिवालय हर बार शिवभक्ति के रंग में डूब जाता है. सोमवार की सुबह मंदिर परिसर में ऐसा भक्तिमय माहौल दिखा कि हर ओर सिर्फ “हर-हर महादेव” और “बोल बम” की गूंज सुनाई देती रही.

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Aaj Ka Darshan: गोयनका शिवालय में सोमवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. भगवान शिव का प्रिय दिन होने के कारण बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे. बेलपत्र, गंगाजल, दूध और फूल लेकर श्रद्धालु लंबी कतारों में बाबा भोलेनाथ के दर्शन करते नजर आये. पूरा मंदिर परिसर शिवभक्ति और आस्था से सराबोर दिखा.

वर्षों पुरानी आस्था का प्रमुख केंद्र

मुंगेर शहर का गोयनका शिवालय लंबे समय से लोगों की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचते हैं. खासकर सोमवार और शिवरात्रि के मौके पर मंदिर का नजारा बेहद भव्य हो जाता है.

श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां सच्चे मन से की गयी पूजा भगवान शिव अवश्य स्वीकार करते हैं. यही कारण है कि हर उम्र के लोग बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं.

महाशिवरात्रि में लगता है श्रद्धा का महासंगम

गोयनका शिवालय में महाशिवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. खगड़िया, लखीसराय, बेगूसराय समेत कई जिलों से भक्त यहां जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. मंदिर परिसर घंटों, शंख और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहता है.

विशेष अवसरों पर मंदिर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया जाता है. देर रात तक पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर चलता है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है.

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था

सोमवार को बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गयी थी. मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा और पूजा सामग्री की समुचित व्यवस्था की गयी. श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए स्वयंसेवक भी तैनात रहे.

भक्तों का कहना है कि गोयनका शिवालय में दर्शन करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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