बदहाली : चार वर्ष में मुंगेर शहर के मात्र 241 दुकानदारों के पास ट्रेड लाइसेंस, निगम उदासीन

नगर निगम में ट्रेड लाइसेंस लेना है. हम चार वित्तीय वर्ष की बात करें तो मात्र 241 दुकानदारों ने ट्रेड लाइसेंस लिया है.
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में मात्र 45 दुकानदारों ने लिया ट्रेड लाइसेंस
मुंगेरनगर निगम क्षेत्र में कारोबार करने वाले को हर हाल में ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य है. चाय-पान व नाश्ते की दुकान से लेकर बड़े-बड़े मॉल व प्रतिष्ठान एवं थोक बिक्रेता तक इसमें शामिल है. लेकिन मुंगेर नगर निगम क्षेत्र में दुकान व प्रतिष्ठान चलाने वाले ट्रेड लाइसेंस लेने के प्रति पूरी तरह से उदासीन हैं. हाल यह है कि चार वित्तीय वर्ष में मात्र 241 दुकानदारों ने निगम से ट्रेड लाइसेंस लिया है. जबकि शहर में 10 हजार से अधिक दुकान, प्रतिष्ठान व उद्योग संचालित हो रहे हैं.
चार वित्तीय वर्ष में मात्र 241 ने लिया ट्रेड लाइसेंस
नगर निगम क्षेत्र में कारोबार करने वाले दुकानदर ट्रेड लाइसेंस के प्रति जागरूक नहीं है. नगर निगम क्षेत्र में लगभग 337 प्रकार के व्यवसायों के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य है. जिसमें पान दुकान, जेनरल स्टोर, मनिहारी दुकान, स्पेयर पार्ट्स दुकान, आटा मिल, कपड़ा दुकान, किराना दुकान, शॉपिंग मॉल, स्थायी रूप से फल दुकान, होटल, रेस्टुरेंट, सैलून, छोटा-बड़ा थोक विक्रेता सहित कई तरह के दुकानें शामिल है. जिसे नगर निगम में ट्रेड लाइसेंस लेना है. हम चार वित्तीय वर्ष की बात करें तो मात्र 241 दुकानदारों ने ट्रेड लाइसेंस लिया है. जिसमें विवाह भवनों और कोचिंग संस्थानों की संख्या अधिक है. वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 49 व्यापारियों ने ट्रेड लाइसेंस लिया था. जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 72 और 2024-25 में 75 व्यापारियों ने ट्रेड लाइसेंस बनवाये थे. लेकिन चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक केवल 45 लोगों ने ही ट्रेड लाइसेंस लिया है. जबकि वित्तीय वर्ष समाप्ति में मात्र छह दिन ही शेष रह रहे गये है. हाल यह है कि निगम द्वारा हाल ही में ट्रेन लाइसेंस बनवाने के लिए शिविर लगाया गया था. विदित हो कि नगर निगम क्षेत्र में कुल 45 वार्ड है. सिर्फ मुख्य बाजार और इससे सटे बाजार में 10 हजार से अधिक दुकान व प्रतिष्ठान संचालित हो रहा है.
दुकानदारों के लिए फायदेमंद है ट्रेड लाइसेंस
ट्रेड लाइसेंस दुकानदारों के लिए अत्यंत फायदेमंद और अनिवार्य है, जो व्यवसाय को कानूनी मान्यता, सुरक्षा और विश्वसनीयता प्रदान करता है. यह नगर निगम के नियमों के पालन को सुनिश्चित करता है, भारी जुर्माने से बचाता है और ग्राहकों का भरोसा बढ़ाकर व्यापार बढ़ाने में मदद करता है. यह बैंक लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी जरूरी है. इतना ही नहीं ट्रेड लाइसेंस का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह नहीं है, बल्कि इससे यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वच्छता, सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा एवं अन्य शासकीय मानकों के अनुरूप संचालित हों. इससे आम नागरिकों को सुरक्षित और व्यवस्थित सेवाएं मिलती हैं.
निगम के राजस्व को लग रहा लाखों का चूना
मुंगेर शहर में मात्र 241 छोटे-बड़े कारोबारी ही ट्रेड लाइसेंसधारी हैं, जबकि 10 हजार से कहीं अधिक दुकानें संचालित हैं. इस तरह एक आकलन के मुताबिक करीब 9 हजार छोटे-बड़े स्थायी रूप से दुकानदारों के पास ट्रेड लाइसेंस नहीं है. इस लिहाज से बगैर लाइसेंसधारी दुकानदार नगर निगम को सालाना करीब दो करोड़ का चूना लगा रहे हैं. विदित हो कि ट्रेड लाइसें के लिए सबसे कम 1000 रुपये शुल्क तय है. इसके बाद 2000 और 2500 रुपये का ट्रेड लाइसेंस मिलता है.कहते हैं नगर आयुक्त
नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता ने बताया कि ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिए बाजार में माइकिंग कराया गया. निगम में शिविर लगाया गया. कागजी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए शिविर में नोटरी वाले अधिवक्ता की व्यवस्था की. ताकि अधिक से अधिक संख्या में व्यवसायी ट्रेड लाइसेंस बननवा सके और जिनका बना है वह नवीकरण करा सके. बावजूद व्यवसायी इसके प्रति जागरूक नहीं हुए. जबकि ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य है. शीघ्र ही टीम बनाकर ट्रेड लाइसेंस की जांच करायी जायेग और ट्रेड लाइसेंस नहीं रहने पर जुर्माना किया जायेगा.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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