राशि ही नहीं है, कैसे होगा निर्माण

Published at :20 Dec 2014 3:42 AM (IST)
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राशि ही नहीं है, कैसे होगा निर्माण

मुंगेर : मुंगेर में निर्माणाधीन गंगा रेल सह सड़क पुल एवं एप्रोच पथ में गतिरोध पर एक बार फिर मुंगेर में आंदोलन की सुगबुगाहट प्रारंभ हो गयी है. विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों ने पुल निर्माण में केंद्र व राज्य सरकार की उदासीनता एवं राजनीतिक स्तर पर हो रही राजनीति का विरोध किया है. मुंगेर […]

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मुंगेर : मुंगेर में निर्माणाधीन गंगा रेल सह सड़क पुल एवं एप्रोच पथ में गतिरोध पर एक बार फिर मुंगेर में आंदोलन की सुगबुगाहट प्रारंभ हो गयी है. विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों ने पुल निर्माण में केंद्र व राज्य सरकार की उदासीनता एवं राजनीतिक स्तर पर हो रही राजनीति का विरोध किया है. मुंगेर के पूर्व सांसद ब्रह्मानंद मंडल ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को पत्र लिख कर हस्तक्षेप का अनुरोध किया है. वहीं युवा मंच ने इस मुद्दे को लेकर 21 दिसंबर को एक दिवसीय धरना का एलान किया है.

मुंगेर में निर्माणाधीन गंगा रेल सह सड़क पुल का मामला अब रेल मंत्रालय एवं बिहार सरकार के बीच उलझ गया है. रेल मंत्रालय ने इस वृहत परियोजना को एक्स्ट्रा बजट्री रिसोर्सेज सिस्टम में डाल दिया है. इसके तहत 1116 करोड़ की राशि राज्य सरकार को उपलब्ध करानी है. जबकि पिछले दो वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने इस मद में मात्र 90 करोड़ की राशि उपलब्ध करायी है. जिसके कारण पुल निर्माण में राशि का घोर अभाव होने जा रहा है.
* उद्घाटन नहीं निरीक्षण करेंगे जीएम
पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक आगामी 26 दिसंबर को मुंगेर रेल सह सड़क पुल का उद्घाटन नहीं बल्कि निरीक्षण करेंगे. इस बात का खुलासा पुल निर्माण में लगे पूर्व मध्य रेलवे के उपमुख्य अभियंता (निर्माण) आशुतोष कुमार मिश्रा ने सर्वदलीय संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधि मंडल को किया. प्रतिनिधि मंडल में जदयू के जिलाध्यक्ष जियाउर रहमान, सीपीआइ के दिलीप कुमार, सपा के पप्पू यादव, भाजपा के शालीग्राम प्रसाद केसरी, शशि शंकर मुन्ना शामिल थे.
* पूर्व सांसद ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र
गंगा पुल आंदोलन से जुड़े पूर्व सांसद ब्रह्मानंद मंडल ने राष्ट्रपति को पत्र लिख कर पुल निर्माण के मार्ग में आ रहे बाधा को दूर करने का अनुरोध किया है. उन्होंने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भेजे पत्र में यह भी स्मरण दिलाया है कि 25 अक्तूबर 1994 को जब वे पुल निर्माण की मांग को लेकर सांसद के रूप में आमरण अनशन पर बैठे थे तो 7 नवंबर 1994 को उन्होंने (प्रणव मुखर्जी ने ) योजना आयोग की उपाध्यक्ष की हैसियत से मुंगेर में गंगा नदी पर पुल का लिखित आश्वासन दिया था. प्रणव मुखर्जी का वह पत्र ही मुंगेर में गंगा नदी पर पुल निर्माण की नींव रखी थी.
* 12 साल में पूर्ण नहीं हुई परियोजना
गंगा रेल सह सड़क पुल के निर्माण का आधारशिला 25 दिसंबर 2002 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखा था. जिसका निर्माण कार्य 2009 में पूर्ण होना था. किंतु राष्ट्रीय परियोजना में शामिल मुंगेर की परियोजना 2014 में भी अपूर्ण है. फलत: पुल की लागत में ढ़ाई गुणा से अधिक की वृद्धि हो चुकी है.
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