मौखिक आश्वासन के बूते नहीं थमेगा एएसवी का आंदोलन

मुंगेर. मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों का पद स्थायीकरण एवं मानदेय सुनिश्चित करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन किया जा रहा है. आंदोलन होने पर मौखिक आश्वासन दे दिया जाता है. लेकिन अब मौखिक आश्वासन पर एएसवी का आंदोलन थमने वाला नहीं है. ये बातें जिला संयोजक सुबोध कुमार एवं सदर प्रखंड सचिव पवन कुमार […]
मुंगेर. मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों का पद स्थायीकरण एवं मानदेय सुनिश्चित करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन किया जा रहा है. आंदोलन होने पर मौखिक आश्वासन दे दिया जाता है. लेकिन अब मौखिक आश्वासन पर एएसवी का आंदोलन थमने वाला नहीं है. ये बातें जिला संयोजक सुबोध कुमार एवं सदर प्रखंड सचिव पवन कुमार ने कही. उन्होंने कहा कि योजना एवं विकास मंत्री व मुख्य सचिव द्वारा सांख्यिकी स्वयं सेवकों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विधायक भाई दिनेश को मौखिक तौर पर सिर्फ आश्वासन दिया गया कि जल्द की समस्याओं का निदान हो जायेगा. कहा गया था कि एएसवी को टोला सेवक के बराबर मानदेय दिया जायेगा. परंतु यह आश्वासन भी खोखला साबित हुआ. जब बहाली होने से पूर्व विज्ञापन में मानदेय के रूप में प्रतिमाह 5 हजार अथवा वर्ष में न्यूनतम 60 हजार का मानदेय देने का प्रकाशन हुआ था. लेकिन सरकार की गलत नीति के कारण इस पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई. जिसके कारण एएसवी भूखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं. उन्होंने कहा कि 22 दिसंबर को एएसवी का पटना विधानसभा के समक्ष ऐतिहासिक आंदोलन होगा. जिसमें मुंगेर से भी काफी संख्या में एएसवी शामिल होंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










