प्रखंड क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहा है शराब का निर्माण

Updated at : 21 Feb 2020 6:16 AM (IST)
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प्रखंड क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहा है शराब का निर्माण

शंकरपुर : प्रखंड क्षेत्र में हो रहे अवैध शराब के कारोबार और निर्माण के कारण युवा वर्ग में शराब के नशे का शिकार हो रहा है. जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में भारी पैमाने पर चुलाई शराब का निर्माण धड़ल्ले से चल रहा है. साथ ही हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, झारखंड, बंगाल व […]

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शंकरपुर : प्रखंड क्षेत्र में हो रहे अवैध शराब के कारोबार और निर्माण के कारण युवा वर्ग में शराब के नशे का शिकार हो रहा है. जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में भारी पैमाने पर चुलाई शराब का निर्माण धड़ल्ले से चल रहा है. साथ ही हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, झारखंड, बंगाल व नेपाल में निर्मित अंग्रेजी व देसी शराब की खेप पहुंचती है, जो क्षेत्र में धड़ल्ले से बिक रही है.

पियक्कड़ों को एक फोन कॉल पर आसानी से शराब उपलब्ध हो जाती है. ऐसे टोलों में शाम होते ही पियकरों की जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है, जो देर शाम तक चलते रहता है. हालांकि समय-समय पर ऐसे टोलों में शराब कारोबारी के धड़पकड़ के लिए पुलिस छापेमारी करती है. फिर भी अवैध शराब कारोबारी कारोबार करने में पीछे नहीं है.
पुलिस सूचना पर तत्काल नहीं करती सुनवायी: विश्वशनीय सूत्रों की माने तो ग्रामीणों के द्वारा शराब कारोबार व शराब निर्माण करने की सूचना पुलिस को देने के बाद तत्काल एक्सन में नहीं आती है. इस वजह से शराब कारोबारी को पुलिस आने की भनक पुलिस पहुंचने से पहले लग जाती है और पुलिस को लौटना पड़ता है. मालूम हो कि प्रखंड क्षेत्र के गिद्धा, निशिहरपुर,लाही सहित अन्य गाओ में चुलाई शराब का निर्माण किया जाता है.
प्रतिबंधित कोडीन युक्त दवा का सेवन युवा करने लगे नसे के रूप में: थाना क्षेत्र में कम उम्र के युवा शराब के साथ-साथ प्रतिबंधित दवाई का उपयोग भी नशा के रूप में करने लगा है.
इसकी बानगी शाम ढलते ही थाना से चंद कदमों के दूरी पर चल रहे पान व चाय दुकान पर युवा के द्वारा देखा जाता रहा है, लेकिन इस ओर पुलिस को ध्यान देने के बजाय तमशाबीन बनी हुई है. इस वजह से आये दिन इन चाय और पान दुकानों पर नशे के सामग्री लेन देन के चक्कर बाद विवाद होने आम बात है.
पुलिस जांच के नाम पर करती है खानापूर्ति : शराब निर्माण और बिक्री के सूचना देने वाले को ही पुलिस पदाधिकारी से डांट फटकार सुनना पड़ता है एक सूचक ने नाम नही छापने के शर्त पर बताया कि जब भी सिंहेश्वर या शंकरपुर पुलिस को शराब कोरोबरी की सूचना दिया जाता है तो एक तो समय से नहीं आते है. कारोबारी कारोबार करने में सफल हो जाते है दूसरी ओर पुलिस को सूचना देने के बाद उलटे पुलिस के द्वारा डांट सुननी परती है.
मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. अभी परीक्षा डियूटी में हुई. जांच पड़ताल कर दोषी के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी.
अमृता कुमारी, उत्पाद अधीक्षक, मधेपुरा
शंकरपुर पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रखंड क्षेत्र के अभियान चलाकर शराब मुक्त किया जाय. कहीं भी शराब बिक्री या निर्माण की सूचना मिलने पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करती है.
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