बाइक वालों पर आफत, यात्री वाहनों की चांदी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Sep 2019 7:34 AM

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मुंगेर : देश में परिवहन विभाग का नया कानून लागू हो गया है. यह कानून ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए बनाया गया है. इसमें कानून के उल्लंघन पर पूर्व से बने कानून से कई गुणा अधिक फाइन वसूली का प्रावधान किया गया है. जिले में नये कानून का […]

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मुंगेर : देश में परिवहन विभाग का नया कानून लागू हो गया है. यह कानून ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए बनाया गया है. इसमें कानून के उल्लंघन पर पूर्व से बने कानून से कई गुणा अधिक फाइन वसूली का प्रावधान किया गया है.

जिले में नये कानून का सबसे अधिक शिकार बाइक सवार हो रहे हैं, जबकि आज भी मुंगेर की सड़कों पर ओवरलोड यात्री वाहन फर्राटा भर रहे हैं. इन पर नये कानून की बंदिश बेअसर साबित हो रही है. इतना ही नहीं इन दिनों ट्रैफिक व्यवस्था सुदृढ़ होने के बजाय और अधिक अव्यवस्थित हो गयी है.
नया नियम बाइक चालकों के लिए शामत : नये नियम के अनुसार बिना हेलमेट बाइक चलाते पकड़े जाने पर 1000 रुपये फाइन एवं 3 माह के लिए लाइसेंस सस्पेंड करने का प्रावधान किया गया है.
दो पहिया वाहन पर ओवलोडिंग पर 2000 रुपये फाइन एवं तीन माह के लिए लाइसेंस सस्पेंड करने का प्रावधान है. इसके अतिरिक्त बाइक सवारों के लिए कई फाइन का प्रारूप लागू किया गया है. फाइन वसूलने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी, एमवीआई एवं पुलिस को अधिकृत किया गया है.
इन्हें मोटर साइकिल के साथ ही अन्य वाहनों की जांच कर नये दर से फाइन वसूलना है, लेकिन नये नियम की मार सबसे अधिक बाइक सवारों पर पड़ रही है. हर थाना स्तर पर प्रतिदिन वाहन चेकिंग की जा रही है, जबकि परिवहन विभाग एवं एमवीआई द्वारा इधर-उधर सड़कों पर वाहन चेकिंग किया जाती है. पर, वे यात्री वाहन एवं अन्य निजी वाहनों की जांच नहीं करते हैं, लेकिन बाइक सवार को रोक कर जांच व फाइन वसूला जा रहा है.
सिर्फ परिवहन विभाग द्वारा अब तक नये नियम के अनुसार दो लाख से अधिक रुपये फाइन वसूल किया गया है. इसमें सर्वाधिक बाइकसवारों से हेलमेट, लाइसेंस व प्रदूषण नियम की अवहेलना पर जुर्माना वसूल किया गया है. पुलिस ने बाइक सवारों से लगभग 3 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला है. इससे पता चलता है कि इनकी नजर में बाइक सवार ही ट्रैफिक नियमों को ज्यादा तोड़ते हैं.
यात्री वाहनों की कट रही चांदी : नये नियमों की मुंगेर में यात्री वाहन चालक खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं. यात्री वाहनों पर आज भी ओवरलोड यात्रियों को चढ़ाया जा रहा है. वाहन की छत पर भी यात्रियों को बैठाया जा रहा है. इतना ही नहीं ऑटो पर नियमों को ताख पर रख कर यात्रियों को बैठाया जाता है.
एक ऑटो पर आज भी 10 से 12 यात्रियों को बैठाया जा रहा है. चालक सीट के दाहिने तरफ एक एवं बांये तरफ दो यात्रियों को हर ऑटो पर बैठा देखा जा सकता है. पीछे भी एक-दो यात्री लटके हुए मिल जायेंगे. सरकारी बसों पर भी सीट से अधिक यात्रियों को ढोया जा रहा है, लेकिन मुंगेर में परिवहन एक्ट का नया नियम यात्री वाहनों पर बेअसर दिखायी दे रहा है.
स्कूली व निजी वाहनों की नहीं हो रही चेकिंग : नये नियमों के अनुसार जिले में स्कूली और निजी वाहनों की भी जांच बाइक जांच की तरह होनी चाहिए, लेकिन मुंगेर में इन वाहनों की जांच नहीं हो रही है.
निजी वाहनों पर सवार कोई भी व्यक्ति इन दो दिनों के अंदर सीट बेल्ट बांधे नहीं मिला. निजी वाहनों पर सवार लोगों की बात तो दूर, चालक भी सीट बेल्ट नहीं बांधे दिख रहे है. स्कूली वाहनों पर ओवरलोड़ बच्चों को ढोने का सिलसिला जारी है. इस पर प्रशासन आंख मूंद कर बैठा है.
कहते हैं डीटीओ
जिला परिवहन पदाधिकारी रमाशंकर ने बताया कि नये नियम के तहत अब तक दो लाख से अधिक रुपये परिवहन विभाग ने ओवरलोड, हेलमेट, लाइसेंस, प्रदूषण से फाइन के रूप में वसूल किया है. पुलिस विभाग द्वारा वसूले गये फाईन की रिपोर्ट नहीं मिली है. सिर्फ बाइक सवार से ही फाइन नहीं वसूला जा रहा है. किसी भी वाहन के लिए बने नियम के उल्लंघन करने पर विभाग पकड़ कर फाइन वसूल कर रहा है.
यह है नये कानून में फाइन का प्रावधान
सीट बेल्ट नहीं पहनने पर अब 300 की बजाय 1000 रुपये का जुर्माना.
दोपहिया वाहन पर ट्रिपल लोडिंग पर 1000 रुपये का जुर्माना. पहले यह जुर्माना 100 रुपये था.
हेल्मेट नहीं पहनने पर 1000 रुपये का जुर्माना और तीन माह के लिए लाइसेंस का निलंबन.
एंबुलेंस जैसे इमरजेंसी वाहन को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना.
बिना लाइसेंस ड्राइविंग करने पर 500 की जगह पांच हजार रुपये का जुर्माना.
लाइसेंस रद्द होने का बाद भी ड्राइविंग करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना, अभी तक इस नियम में 500 रुपये के जुर्माने का प्रावधान था.
ओवर स्पीड करने पर 400 की जगह 1000 से 2000 रुपये तक का जुर्माना.
खतरनाक ड्राइविंग पर 1000 की जगह 5000 रुपये का जुर्माना.
शराब पीकर वाहन चलाने पर 2000 की जगह 10 हजार रुपये का जुर्माना.
ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करने पर 1000 की जगह 5000 रुपये का जुर्माना.
बिना परमिट वाहन पर 5000 की जगह 10 हजार रुपये का जुर्माना.
ओवरलोडिंग पर 2000 रुपये और तय सीमा से अधिक वजन पर 2000 रुपये प्रति टन की दर से जुर्माना. अभी तक 2000 रुपये और अधिक वजन पर 1000 रुपये प्रति टन का जुर्माना लगता था.
बिना इंश्योरेंस गाड़ी चलाने पर 1000 की जगह 2000 रुपये का जुर्माना.
नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने पर गाड़ी मालिक और नाबालिग के अभिभावक दोनों दोषी माने जाएंगे. 25 हजार रुपये का जुर्माना और तीन साल की जेल की सजा. नाबालिग की उम्र 25 साल होने तक उसे ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दिया जायेगा. अभी तक नियम के उल्लंघन पर कोई कार्रवाई नहीं होती थी.
नियम तो हो गया लागू, नहीं सुधरी जिले की ट्रैफिक व्यवस्था
मुंगेर. ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने एवं सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए भले ही सरकार ने कड़े कानून का प्रावधान कर दिया है, लेकिन शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है. नये नियमों को पालन कराने के लिए पर्याप्त संसाधन भी नहीं है. जो यातायात पुलिस के लिए एक चुनौती बनी हुई है.
जिले में 8 जगहों पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा जिला बल एवं होमगार्ड के जवानों को तैनात किया जाता है, लेकिन यहां एक भी ट्रैफिक पोस्ट नहीं है. इसके कारण यातायात नियम पूरी तरह से अव्यवस्थित है. जिले में ट्रैफिक व्यवस्था में सुदृढ़ करने के लिए ट्रैफिक थाना एवं पदाधिकारी व जवानों के प्रतिनियुक्ति की घोषणा की गयी थी. आज तक ट्रैफिक थाना को अपना भवन नहीं मिला है. संदलपुर टीओपी से ही किसी तरह ट्रैफिक सिस्टम संचालित हो रहा है.
ट्रैफिक विभाग में एक डीएसपी, एक थानाध्यक्ष, एक एसआई, दो एएसआई है, जबकि जिला बल के 8 और होमगार्ड के 10 जवान तैनात हैं. एक नंबर ट्रैफिक, कौड़ा मैदान, कस्तूरबा वाटर वर्क्स, अंबे चौक, भगत सिंह चौक पर पुलिस तो दिखती है, लेकिन कार्रवाई नगन्य है. इसके कारण यहां के लोगों को ट्रैफिक नियम के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं रहती है.
कहते हैं ट्रैफिक डीएसपी
यातायात डीएसपी मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि ट्रैफिक थाने के जमीन के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है. आवश्यकतानुसार निर्धारित स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गयी है.
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