फर्जी आधार, उज्बेकिस्तानी पासपोर्ट और नेपाल जाने की कोशिश... रक्सौल बॉर्डर पर क्यों बढ़ी चौकसी?

Author Jitendra kumar|Edited by Aaruni Thakur
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बॉर्डर पर जांच करते एसएसबी जवान | Prabhat Khabar Network

बॉर्डर पर जांच करते एसएसबी जवान

रक्सौल बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. उज्बेकिस्तान की एक महिला फर्जी भारतीय पहचान के आधार पर नेपाल जाने की कोशिश कर रही थी, जिसे गिरफ्तार किया गया है. सुरक्षा एजेंसियां महिला के संपर्कों और नेपाल जाने के उद्देश्य की जांच कर रही हैं.

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Raxaul Border Security Alert: भारत-नेपाल सीमा के मैत्री पुल पर फर्जी भारतीय पहचान के आधार पर नेपाल जाने की कोशिश कर रही उज्बेकिस्तान की महिला की गिरफ्तारी के बाद रक्सौल बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. सुरक्षा एजेंसियां अब महिला के भारत में संपर्कों, गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं.

इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि महिला नेपाल किस उद्देश्य से जा रही थी.

आधार कार्ड पर हुआ संदेह, मोबाइल से मिला पासपोर्ट

मैत्री पुल पर नियमित जांच के दौरान एसएसबी के जवानों को महिला के व्यवहार और दस्तावेजों पर संदेह हुआ. महिला ने खुद को भारतीय नागरिक बताते हुए आधार कार्ड दिखाया.

जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से उज्बेकिस्तान का पासपोर्ट बरामद हुआ, जिसके बाद उसकी वास्तविक पहचान सामने आई.

15 साल पहले रोजगार के लिए आई थी भारत

पूछताछ में महिला ने बताया कि वह करीब 15 वर्ष पहले रोजगार के लिए भारत आई थी. इसके बाद वह मुंबई में एक भारतीय व्यक्ति के साथ रह रही थी.

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद उसने कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया था. इन दावों की जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं.

नेटवर्क और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों की तलाश

महिला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए और भारत में उसके संपर्क किन लोगों से थे.

इसके अलावा नेपाल जाने के पीछे उसके वास्तविक उद्देश्य की भी जांच की जा रही है. मामले में विदेशी नागरिक अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है.

सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि भारत-नेपाल की खुली सीमा का दुरुपयोग रोकने के लिए दस्तावेजों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाया गया है.

मैत्री पुल समेत सीमा से जुड़े अन्य प्रमुख मार्गों पर संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है. साथ ही विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय भी बढ़ाया गया है.

पिछले दो महीनों में सामने आए ये मामले

लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद सीमा सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं.

  • 17 मई 2026: एसएसबी और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में रक्सौल से एक चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया. उसके पास से संदिग्ध दस्तावेज, नेपाली सिम कार्ड और आपत्तिजनक पर्चे बरामद हुए थे.
  • 9 जून 2026: हरैया थाना क्षेत्र के कस्टम चौक के पास से एक स्विट्जरलैंड की महिला और म्यांमार के एक पुरुष को हिरासत में लिया गया. उनके पास भारत में प्रवेश या रहने के वैध दस्तावेज नहीं थे.
  • 16 जुलाई 2026: मैत्री पुल पर बोजोरोवा शकरजोंन नामक उज्बेकिस्तान की महिला को गिरफ्तार किया गया. जांच एजेंसियों के अनुसार, वह कथित तौर पर मुंबई में अवैध रूप से रह रही थी, फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रही थी और नेपाल जाने की कोशिश कर रही थी.

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही हैं. जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


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