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Motihari news :सुपौल से खुलने के एक घंटे बाद ही बस में आ गयी थी खराबी

Updated at : 03 Apr 2025 3:53 PM (IST)
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Motihari news :सुपौल से खुलने के एक घंटे बाद ही बस में आ गयी थी खराबी

सुपौल से दिल्ली जा रही शिवगुरु नामक बस में क्षमता से कही अधिक लोगों को सवार थे.

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Motihari news : पिपराकोठी .सुपौल से दिल्ली जा रही शिवगुरु नामक बस में क्षमता से कही अधिक लोगों को सवार थे. सुपौल से दिल्ली के लिए प्रति यात्री तीन से पांच हजार रुपये किराया लेकर बस के स्टॉफ ने बिना टिकट काटे ही यात्रियों को बैठाया था. जैसे जैसे बस आगे बढ़ी अन्य स्थानों से भी बस में यात्रियों को बैठाते गया. एक सीट पर जबरदस्ती तीन चार लोगों को बैठाने के बाद बेंच पर भी यात्रियों को बैठाया गया था.

बस के स्टॉफ ने मानक को दरकिनार करते हुए अधिक लोगों को बैठाया. और बस में खराबी आने के बाद भी जबरदस्ती बस चलाते रहा जिसके वजह से यह हादसा हुआ है. अगर चालक ने यात्रियों की बातों को गंभीरता से लिया होता तो यह हादसा नहीं होता. जलती बस से जान बचा कूदे यात्रियों के चेहरे पर खौफ साफ दिख रहा था.सभी यात्री गुस्से में थे. यात्रियों ने बताया कि बस खुलने के कुछ देर बाद बस में दो बार खराबी आयी. बस जब स्पीड नहीं ले रहा था तो चालक को समझा चाहिए था कि. एक यात्री ने कहा कि जलने की दुर्गंध से चालक को अवगत कराया था, लेकिन उसने बस रोक जांच-पड़ताल नहीं की. उल्टे डांट कर चुप करा दिया. बस के साथ यात्रियों के लाखों का सामान भी जल गया.

बस पर अधिकांश मजदूर टाइप लोग थे सवार

दुर्घटनाग्रस्त बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे. बच्चे, बूढ़े, युवा तो थे ही परंतु उक्त बस में अधिकांश लोग मजदूर टाइप के लोग थे जो दिल्ली अपने रोजी रोटी के तलाश में दिल्ली जा रहे थे. और उसमें सभी यात्री ज्यादा रात होने के कारण सो गये थे. जिस समय बस में आग लगी उस वक्त अधिकांश यात्री सोये हुए थे. अचानक आग की बात सुन सभी के समक्ष अफरा तफरी का माहौल बन गया और सभी बस से निकलने का प्रयास करने लगे. हालांकि सभी यात्री बाल बाल बच निकले.

दुर्घटना होने के बाद परिवहन विभाग की खुलती है नींद

बार-बार दिल्ली जाने वाली बसे दुर्घटनाग्रस्त हुआ करती है. बिना वैध परमिट के इन बसों के स्टॉफ और मालिक द्वारा विभिन्न जगहों से दिल्ली के लिए ले जाया जाता है. जिसमें मानक को दरकिनार किया जाता है. और परिवहन विभाग के अधिकारी चुप्पी लगाए रहते है. परंतु कोई हादसा होता है तो ये करीब एक सप्ताह सक्रिय नजर आते है. इन लोगों के द्वारा अगर नियमित सक्रियता दिखाई गयी होती तो शायद ऐसी घटना नहीं होती.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMRESH KUMAR

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By AMRESH KUMAR

AMRESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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