आजादी से पूर्व स्थापित ऐतिहासिक मदरसे का हुआ निरीक्षण, शिक्षा व्यवस्था और योजनाओं की हुई समीक्षा
सुन्नी वक्फ बोर्ड व जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारी
ढाका प्रखंड के चैनपुर स्थित ऐतिहासिक मदरसा इस्लामिया का सुन्नी वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की टीम ने निरीक्षण किया. इस दौरान मदरसे में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई.
Madrasa Islamia Dhaka: ढाका प्रखंड के चैनपुर स्थित ऐतिहासिक मदरसा इस्लामिया का शनिवार को सुन्नी वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया. इस दौरान मदरसे में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई.
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शिक्षा व्यवस्था का लिया गया जायजा
निरीक्षण टीम ने मदरसे में चल रही शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन की जानकारी ली. साथ ही संस्थान के बेहतर संचालन और गुणवत्ता सुधार को लेकर कई आवश्यक सुझाव भी दिए.
1934 में हुई थी मदरसे की स्थापना
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि मदरसा इस्लामिया, चैनपुर (ढाका) की स्थापना वर्ष 1934 में हुई थी. यह क्षेत्र के पुराने और ऐतिहासिक शैक्षणिक संस्थानों में शामिल है.
संयुक्त टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
निरीक्षण दल में सुन्नी वक्फ बोर्ड (औकाफ कमेटी) के अध्यक्ष सैयद मोबीन अहमद, उपाध्यक्ष अली अख्तर, सदस्य ओजैर अंजुम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी सह सहायक निदेशक मो. साजिद तथा विभागीय कर्मी रागिब हुसैन शामिल रहे.
संयुक्त टीम ने मदरसा प्रबंधन से शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने की बात कही.
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