Motihari : रक्सौल . मई के महीने में रेलवे के द्वारा कर्मियों का तबादला मिड सेशन में किए जाने से कई तरह की परेशानी आ रही है. हाल के दिनों में रेलवे बोर्ड के निर्देश पर रेलवे के द्वारा सभी विभाग में तबादले की कार्रवाई की जा रही है. जिसमें चार साल से अधिक समय तक एक ही जगह पर ड्यूटी करने वाले रेल कर्मियों का तबादला किया गया है. इस कड़ी में रक्सौल जंक्शन के परिचालन, वाणिज्य सहित अन्य विभाग के कर्मियों का तबादला हुआ है. अब इसमें परेशानी यह आ रही है कि मार्च में शैक्षणिक सत्र की समाप्ति होने के बाद रेल कर्मियों के द्वारा अपने-अपने बच्चों का नामांकन स्कूलों में करा दिया गया है. इसके लिए हजारों रुपये खर्च कर कॉपी, किताब, स्टेशनरी सहित अन्य सामान की खरीद भी कर ली गयी है तथा स्कूल को नामांकन फी के तौर पर मोटी रकम भी दी गयी है. अब इधर, रेलवे ने अप्रैल के बाद मई में तबादले की सूची निकाल दी है. बताया जा रहा है कि एक लिस्ट जारी होने के बाद अब दूसरी लिस्ट भी जारी होनी है. ऐसे में रेल कर्मी परेशान है. नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर अपना दर्द बताते हुए रेल कर्मियों ने कहा कि नौकरी कहीं भी करना है, लेकिन जो तबादला मई में हो रहा है यदि मार्च या फरवरी में हो गया होता तो मिड सेशन में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होती. स्कूलों में नामांकन का समय समाप्त हो गया है, ऐसे में एक जगह से दूसरे जगह पर जाने से बच्चों को परेशानी हो रही है. फिलहाल, रेल कर्मियों ने वरीय अधिकारियों से मिड सेशन में हुए इस तबादले के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है.
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