गुड न्यूज! मोतिहारी में होगी पाम ऑयल की खेती, 4 से 5 लाख तक हो सकती है कमाई

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पाम ऑयल की खेती (सांकेतिक तस्वीर) | सोर्स- सोशल मीडिया

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मोतिहारी में पाम ऑयल की खेती से किसानों की आय बढ़ाने की योजना शुरू हो गई है. केसरिया और संग्रामपुर प्रखंडों को चुना गया है, जहाँ 50 हेक्टेयर भूमि पर खेती होगी. इससे किसानों को सालाना 4 से 5 लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है.

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मोतिहारी पाम ऑयल फार्मिंग: पूर्वी चंपारण में किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से पाम ऑयल की खेती को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू हो गयी है. जिले के केसरिया और संग्रामपुर प्रखंड को इसके लिए चयनित किया गया है. दोनों प्रखंडों में कुल 50 हेक्टेयर भूमि पर पाम ऑयल के पौधे लगाने का लक्ष्य है. प्रत्येक प्रखंड में कम से कम 25 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती करायी जाएगी.

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एक हेक्टेयर में लगेंगे करीब 150 पौधे

पाम ऑयल की खेती के लिए एक हेक्टेयर भूमि में करीब 150 पौधे लगाए जाएंगे. योजना के तहत इच्छुक किसानों को विभाग की ओर से आवश्यक सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जा रही है. शुरुआती चरण में किसानों को पौधों की देखभाल और कृषि प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा.

सहायक उद्यान पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि पाम ऑयल की खेती से किसानों को सालाना चार से पांच लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है. हालांकि, वास्तविक आय उत्पादन, बाजार मूल्य, खेती की लागत और मौसम समेत कई परिस्थितियों पर निर्भर करेगी.

तीन साल तक पौधों की करनी होगी देखभाल

पाम ऑयल के पौधों को उत्पादन योग्य होने में समय लगता है. ऐसे में किसानों को शुरुआती वर्षों में धैर्य के साथ खेती करनी होगी. पहले तीन वर्षों में पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई और अन्य कृषि कार्य जरूरी होंगे.

विभाग के अनुसार, पौधों की बेहतर वृद्धि के लिए करीब 10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई की आवश्यकता होगी. ऐसे में किसानों के लिए खेत में पानी की पर्याप्त उपलब्धता और सिंचाई व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी.

खाली जगह में दूसरी फसल लगाने की सुविधा

पाम ऑयल के पौधों के बीच शुरुआती वर्षों में खाली रहने वाली जमीन का इस्तेमाल दूसरी फसलों की खेती के लिए किया जा सकेगा. इससे किसानों को पाम ऑयल से उत्पादन शुरू होने से पहले भी अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल सकता है.

किसान अपनी जमीन, मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार दूसरी फसलों का चयन कर सकेंगे. इससे पौधों के बड़े होने तक खेत का उपयोग जारी रखा जा सकेगा.

25 किलोमीटर पर बनेगा कलेक्शन सेंटर

पाम ऑयल की उपज की बिक्री और संग्रह के लिए प्रत्येक 25 किलोमीटर की दूरी पर कलेक्शन सेंटर खोलने की योजना है. इन केंद्रों पर किसानों से उपज एकत्र कर आगे प्रसंस्करण के लिए भेजी जाएगी.

कलेक्शन सेंटर की व्यवस्था से किसानों को उपज के संग्रह और परिवहन में सुविधा मिलने की उम्मीद है. विभाग इसी के साथ खेती से लेकर उपज की बिक्री तक की पूरी व्यवस्था तैयार करने में जुटा है.

अक्टूबर से शुरू होगी खेती, ऑनलाइन आवेदन का विकल्प

बारिश का मौसम खत्म होने के बाद अक्टूबर से पाम ऑयल की खेती शुरू कराने की तैयारी है. चयनित दोनों प्रखंडों में इच्छुक किसानों को योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. इसके अलावा उद्यान विभाग के संबंधित कार्यालय से संपर्क कर पौधरोपण, सहायता राशि, सिंचाई और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है. विभाग का लक्ष्य किसानों को नई फसल के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराकर निर्धारित क्षेत्र में खेती शुरू कराना है.

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