मोतिहारी के अतीउल्लाह ने 300 लोगों को दिया रोजगार, गांव में खड़ी की बैग फैक्ट्री

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बैग बनाते कर्मी

Motihari News: मुंबई में संघर्ष कर बैग निर्माण का हुनर सीखने वाले अतीउल्लाह शेख ने मोतिहारी के झिटकाहीं गांव में बड़ा कारखाना स्थापित किया. यहां प्रतिदिन दो हजार बैग बनते हैं और 300 से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है. पढे़ं पूरी खबर…

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मोतिहारी से इन्तेजारूल हक की रिपोर्ट

Motihari News: मोतिहारी के ढाका प्रखंड स्थित झिटकाहीं गांव के रहने वाले अतीउल्लाह शेख की कहानी आज इलाके के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है. कभी रोजगार की तलाश में मुंबई की गलियों में संघर्ष करने वाले अतीउल्लाह ने आज अपने गांव में ऐसा उद्योग खड़ा कर दिया है, जो न सिर्फ उनकी पहचान बना रहा है बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका का सहारा भी बन चुका है. उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि मेहनत, अनुभव और दृढ़ संकल्प से गांव में भी बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है.

मुंबई में संघर्ष से सीखा हुनर

अतीउल्लाह शेख बेहतर रोजगार की तलाश में वर्षों पहले मुंबई गए थे. शुरुआती दिनों में उन्होंने आर्थिक तंगी और कठिन परिस्थितियों का सामना किया. इसी दौरान उन्होंने बैग निर्माण का काम सीखा और इस उद्योग की बारीकियों को समझा. काम करते-करते उनके मन में खुद का कारोबार शुरू करने का सपना आकार लेने लगा.

गांव लौटकर शुरू किया कारोबार

कोरोना महामारी के दौरान हालात बदलने पर उन्होंने अपने गांव लौटने का फैसला किया. वर्ष 2022 में झिटकाहीं में छोटे स्तर पर बैग निर्माण इकाई की शुरुआत की. गुणवत्ता और उचित कीमत के कारण उनके उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी. देखते ही देखते यह छोटा प्रयास एक बड़े बैग निर्माण कारखाने में बदल गया, जहां आधुनिक मशीनों के जरिए प्रतिदिन करीब दो हजार बैग तैयार किए जा रहे हैं.

300 परिवारों को मिला रोजगार

कारखाने में वर्तमान में लगभग 150 मशीनें संचालित हो रही हैं और 300 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है. यहां काम करने वाले कई लोगों की मासिक आय 30 से 35 हजार रुपये तक पहुंच रही है. इससे आसपास के इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं.

पलायन पर लगी रोक

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले रोजगार के लिए युवाओं को दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों की ओर जाना पड़ता था. अब गांव में ही काम मिलने से पलायन कम हुआ है और लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है. अतीउल्लाह शेख की यह पहल ग्रामीण उद्यमिता की एक सफल मिसाल बन गई है.

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अनिकेत कुमार

लेखक के बारे में

By अनिकेत कुमार

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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