शिवपुराण कथा सुनने से लोक व परलोक दोनों जगह मिलता है सुख

Updated:
विज्ञापन
शिवपुराण कथा सुनने से लोक व परलोक दोनों जगह मिलता है सुख

शिव का अर्थ है कल्याण, जो स्वयं दुख सह कर दूसरे को सुखी करे वहीं शिव है.

विज्ञापन

मोतिहारी. शिव का अर्थ है कल्याण, जो स्वयं दुख सह कर दूसरे को सुखी करे वहीं शिव है. उक्त बातें अगरवा श्रीकृष्ण नगर में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान अयोध्या से पधारे कथावाचक रामप्रवेश दास ने गुरुवार को कथा के माध्यम से कही. उन्होंने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिव पुराण की कथा सुनने से शिव भक्तों को लोक और परलोक दोनों जगह सुख मिलता है. संतानहीन लोगों को संतान की प्राप्ति होती है और गंभीर रोगियों और भाग्यहीन लोगों को इससे काफी लाभ मिलता है. इनकी अराधना से मनुष्य सभी कष्टों से दूर रहता है. उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि एक बार एक गरीब ब्राह्मण का बालक जिसका नाम यज्ञदत था. वह शिव मंदिर में अपने कपड़े को फाड़कर दीप जलाकर चोरी कर शिव नैवेदम खालया. मरने के बाद वह शिव लोक में चला गया. अगले जन्म में वह कुबेर बना. यानि शिव की अराधना से भक्तों को सुख, शांति, समृद्धि और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. कार्यक्रम को सफल बनाने में विजय सिंह, रत्नेश ठाकुर, कमलेश सिंह, देवेन्द्र कुमार सिंह, सुधांशु शर्मा, सच्चिदानंद सिंह, हलचुल सिंह, राजू सिंह, रिपू सिंह की अहम भूमिका रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Satendra Prasad Sat

लेखक के बारे में

By Satendra Prasad Sat

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन