कभी शराबियों की गली कहलाने वाली यह जगह, अब शिक्षा और कारोबार का नया हब बन गई है

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AI जेनरेटेड फोटो

Motihari News: मोतिहारी के तुरकौलिया में कभी शराबियों और अवैध शराब के कारण बदनाम रही सड़क अब शिक्षा, व्यवसाय और आवासीय विकास का नया केंद्र बन गई है. जानिए कैसे बदली इलाके की तस्वीर.

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मोतिहारी के तुरकौलिया से आफताब आलम की रिपोर्ट

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Motihari News: मोतिहारी जिले के तुरकौलिया में बोरिंग चौक से बाजार जाने वाली करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क कभी शराबियों के जमावड़े और अवैध शराब के धंधे के कारण बदनाम मानी जाती थी. शाम ढलते ही लोग इस रास्ते से गुजरने से बचते थे. लेकिन आज यही सड़क शिक्षा, व्यापार और आधुनिक बसावट का नया केंद्र बनकर इलाके की बदलती तस्वीर बयां कर रही है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ साल पहले तक इस सड़क के किनारे गिने-चुने मकान थे. अवैध शराब के भट्ठों और ताड़ीखानों की वजह से यहां बसने में लोग हिचकते थे. खासकर महिलाओं और छात्राओं के लिए इस रास्ते से गुजरना सुरक्षित नहीं माना जाता था.

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फिर धीरे-धीरे बदलने लगी तस्वीर…

समय के साथ इलाके का माहौल बदला और सड़क के दोनों ओर तेजी से विकास शुरू हुआ. अब यहां चार दर्जन से अधिक पक्के भवन बन चुके हैं. जहां कभी सन्नाटा रहता था, वहां अब दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है.

सड़क किनारे निजी विद्यालय, कोचिंग संस्थान, विवाह भवन, किराना दुकानें, केक निर्माण इकाई और कई अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुल गए हैं. बड़ी संख्या में लोगों ने मकान बनाकर किराये पर देना भी शुरू कर दिया है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिला है.

तुरकौलिया शराबी गली की बदली तस्वीर

जमीन की कीमतों में आया बड़ा उछाल

स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले इस इलाके में जमीन खरीदने वाले मुश्किल से मिलते थे. लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है. सड़क किनारे की जमीन की कीमत 50 से 60 लाख रुपये प्रति कट्ठा तक पहुंच गई है.

रियल एस्टेट में आई इस तेजी ने इलाके की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति दी है.

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बेहतर संपर्क बना विकास की बड़ी वजह

इस सड़क की सबसे बड़ी विशेषता इसका रणनीतिक स्थान है. यह मार्ग प्रखंड कार्यालय, थाना, अंचल कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और तुरकौलिया बाजार को जोड़ता है. बेहतर संपर्क के कारण यहां लगातार नए आवासीय और व्यावसायिक निर्माण हो रहे हैं.

स्थानीय लोगों का मानना है कि शराबबंदी के बाद क्षेत्र का माहौल अपेक्षाकृत शांत हुआ, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा और निवेश की गति तेज हुई. हालांकि इस बदलाव में अन्य स्थानीय विकास और बढ़ती आबादी की भूमिका भी रही है.

इलाके की बदली पहचान

जो सड़क कभी बदनामी की वजह से जानी जाती थी, आज वही शिक्षा, कारोबार और आधुनिक बसावट का नया कॉरिडोर बन गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले वर्षों में यह इलाका तुरकौलिया के सबसे विकसित क्षेत्रों में शामिल हो सकता है.

एक नजर में

बिंदुजानकारी
स्थानबोरिंग चौक से तुरकौलिया बाजार मार्ग
पुरानी पहचानअवैध शराब और शराबियों का जमावड़ा
वर्तमान स्थितिशिक्षा, व्यापार और आवासीय विकास का केंद्र
प्रमुख संस्थाननिजी स्कूल, कोचिंग, विवाह भवन, दुकानें
जमीन की कीमतकरीब ₹50–60 लाख प्रति कट्ठा (स्थानीय लोगों के अनुसार)
विकास की वजहबेहतर संपर्क, बढ़ता निवेश और व्यावसायिक गतिविधियां

नोट: जमीन की कीमत और विकास के कारणों से जुड़ी जानकारी स्थानीय लोगों के दावों पर आधारित है. आधिकारिक बाजार मूल्य अलग हो सकता है.

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