पटना स्नातक सीट पर घमासान: नीरज के खिलाफ अनंत का अनुज दांव, पीके की चुप्पी ने बढ़ाया सियासी सस्पेंस
प्रशांत किशोर की फाइल फोटो
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है. जन सुराज ने पांच सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए, लेकिन पटना स्नातक सीट को होल्ड पर रखा है. इस सीट पर जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार को मोकामा विधायक अनंत सिंह से चुनौती मिल रही है.
Neeraj Kumar vs Anant Singh बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गयी है. जन सुराज ने रविवार को पांच सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया, लेकिन पटना स्नातक सीट को फिलहाल होल्ड पर रखा है. इस सीट पर अब तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं होने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गयी हैं. खास बात यह है कि पटना स्नातक सीट से जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार पिछले तीन चुनावों से लगातार जीत दर्ज करते आ रहे हैं.
इस बार नीरज कुमार के सामने मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है. अनंत सिंह ने जन सुराज के टिकट पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ चुके डॉ. अनुज सिंह को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि पटना स्नातक सीट के चुनाव में उनका समर्थन डॉ. अनुज सिंह के साथ रहेगा. अनंत सिंह के इस रुख के बाद जदयू के भीतर भी इस सीट को लेकर सियासी खींचतान चर्चा में आ गयी है.
कौन हैं डॉ. अनुज सिंह ?
डॉ. अनुज सिंह बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं. पटना स्नातक सीट को लेकर उनका नाम लगातार चर्चा में है. अनंत सिंह सार्वजनिक रूप से उन्हें समर्थन देने और उनके साथ खड़े रहने की घोषणा कर चुके हैं. वहीं, प्रशांत किशोर से जब डॉ. अनुज सिंह को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि अनुज सिंह अभी जन सुराज में हैं और पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि, उन्हें पटना स्नातक सीट से टिकट मिलेगा या नहीं, इस सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि टिकट देने का फैसला पार्टी करती है और यह उनका काम नहीं है. प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद पटना स्नातक सीट पर राजनीतिक अटकलों का दौर और तेज हो गया है. पार्टी ने अभी तक इस सीट पर उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. राजनीतिक हलकों में इसे रणनीतिक इंतजार के तौर पर भी देखा जा रहा है.
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नीरज-अनंत की पुरानी अदावत के बीच पीके की नजर
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच जारी राजनीतिक तनातनी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चुनाव की घोषणा से पहले ही तेज है. ऐसे में जन सुराज के लिए इस सीट पर उम्मीदवार का चयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है.जन सुराज से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पार्टी इस मामले में जल्दबाजी नहीं करना चाहती. माना जा रहा है कि पार्टी पहले जदयू की ओर से उम्मीदवार को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रही है. इसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जा सकता है. अनुज सिंह के नाम पर अनंत सिंह का खुला समर्थन जन सुराज के लिए एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है. हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस समर्थन को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गयी है.
बांकीपुर के बाद जदयू पर नजर
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद जन सुराज और प्रशांत किशोर की नजर अब विधान परिषद चुनाव पर है. बांकीपुर चुनाव के दौरान नीरज कुमार और प्रशांत किशोर के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी खूब हुई थी. नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर के खिलाफ शिकायत को लेकर पुलिस थाने का रुख भी किया था. इसके बावजूद बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत हुई. अब पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार के सामने जन सुराज की संभावित चुनौती को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है.हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि जन सुराज की रणनीति का अंतिम लक्ष्य क्या है. फिलहाल पार्टी ने पटना स्नातक सीट पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं. डॉ. अनुज सिंह का नाम जरूर चर्चा में है, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी को करना है.
नीरज बनाम अनंत की लड़ाई में किस ओर जायेगा समीकरण?
पटना स्नातक सीट पर इस बार मुकाबला सिर्फ दलों के बीच का चुनाव नहीं रह गया है. नीरज कुमार के सामने अनंत सिंह के खुलकर विरोध ने इसे जदयू के अंदरूनी समीकरणों से भी जोड़ दिया है. अनंत सिंह के समर्थन से डॉ. अनुज सिंह की दावेदारी मजबूत होती है या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा. वहीं, यदि जन सुराज आधिकारिक तौर पर डॉ. अनुज सिंह को मैदान में उतारता है, तो चुनाव में नीरज कुमार और अनुज सिंह के बीच सीधा मुकाबला बनने की स्थिति बन सकती है. दूसरी ओर, अन्य दलों या उम्मीदवारों की मौजूदगी मुकाबले को और बहुकोणीय बना सकती है.
पीके की चुप्पी के मायने
जन सुराज की ओर से पटना स्नातक सीट पर उम्मीदवार की घोषणा नहीं किये जाने और प्रशांत किशोर के डॉ. अनुज सिंह को लेकर सीमित बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी है. फिलहाल प्रशांत किशोर ने टिकट को लेकर अंतिम फैसला पार्टी पर छोड़ दिया है.ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जन सुराज डॉ. अनुज सिंह पर दांव लगायेगा? यदि ऐसा होता है, तो नीरज कुमार के सामने एक ऐसा मुकाबला खड़ा हो सकता है, जिसमें अनंत सिंह के खुले समर्थन और जन सुराज की रणनीति की अहम भूमिका होगी. अब सभी की नजर जन सुराज की अगली घोषणा पर है.
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