24.1 C
Ranchi

BREAKING NEWS

Advertisement

निजी नलकूप योजना से हर खेत में पहुंचेगा पानी

बिहार सरकार की सात निश्चय योजना के तहत किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने के लिए लिए निजी नलकूप योजना लागू की जा रही है. इस योजना के तहत किसानों को अपने खेत में बोरिंग लगाने के लिए राशि दी जा रही है.

मधुबनी. बिहार सरकार की सात निश्चय योजना के तहत किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने के लिए लिए निजी नलकूप योजना लागू की जा रही है. इस योजना के तहत किसानों को अपने खेत में बोरिंग लगाने के लिए राशि दी जा रही है. योजना के तहत निजी नलकूप लगाने के लिए किसानों से ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है. किसान आवेदन के साथ जमीन के कागजात, रकबा, चौहद्दी व आधार कार्ड भी देना है. किसानों के आवेदन के आधार पर नलकूप लगाने के लिए लघुसिंचाई विभाग से स्वीकृति लेना जरूरी है. विभाग के कार्यपालक अभियंता गजेंद्र कुमार यादव ने कहा है कि अभी तक 800 से अधिक किसानों ने निजी नलकूप के लिए आवेदन दिया है. लेकिन एलपीसी समय से नहीं मिलने के कारण किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. श्री यादव ने कहा है कि अभी तक सात किसानों को नलकूप लगाने के लिए विभाग से स्वीकृति मिल गयी है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 30 हजार किसानों को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य मिला है.

कैंप लगाकर एलपीसी देने का निर्देश

विभाग के कार्यपालक अभियंता ने कहा है कि अंचल कार्यालय से किसानों को एलपीसी लेने में हो रही परेशानी को देखते हुए विभाग के मुख्य सचिव ने जिला पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि सभी अंचलाधिकारी कैंप लगाकर किसानों को एलपीसी उपलब्ध कराने का आदेश दें. मिले निर्देश के आलोक में जिला पदाधिकारी सभी अंचलाधिकारी को कैंप लगाकर एलपीसी देने का निर्देश दिया है. कार्यपालक अभियंता ने कहा कि अब चुनाव खत्म हो गया है. फिर से किसानों से मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के लिए आवेदन लिया जाएगा. किसानों को नलकूप लगाने में लगी लागत की आधी राशि किसानों को अनुदान के रूप में दिया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Advertisement

अन्य खबरें

ऐप पर पढें