Madhubani News : नहीं रहे राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त संस्कृत के विद्वान रामजी ठाकुर

राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त डाॅ. रामजी ठाकुर का निधन गुरुवार को हो गया. वे 91 के थे.
मधुबनी. राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त डाॅ. रामजी ठाकुर का निधन गुरुवार को हो गया. वे 91 के थे. उनका जन्म नेपाल के फुलगामा में हुआ था. डॉ. झा का प्रारंभिक शिक्षा अपने सर्वसीमा में अपने नाना पं. लक्ष्मीनाथ झा के घर हुआ था. उन्होंने अवध बिहारी संस्कृत महाविद्यालय रहिमपुर से आचार्य की शिक्षा ग्रहण की. मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान दरभंगा से एमए पास करने के बाद मिथिला विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि हासिल की. रामप्रताप संस्कृत महाविद्यालय बैगनी में साहित्य के प्राध्यापक पद पर कार्यारंभ कर महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह महाविद्यालय सरिसब पाही मे संस्कृत प्राध्यापक के पद पर कई वर्ष रहने के बाद मिथिला विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग में उपाचार्य, विश्वविद्यालय प्राध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए. सेवानिवृत होने के बाद शास्त्रचूड़ामणि प्राध्यापक पद पर भी कुछ वर्ष काम किए. उन्होंने दो दर्जन से अधिक काव्य, खंडकाव्य, महाकाव्य संस्कृत भाषा में मूलग्रन्थ प्रकाशित है. साहित्य अकादमी दिल्ली से इनकी मूल संस्कृत लघु पद्यप्रबन्धत्रयी प्रबन्ध काव्य पर वर्ष 2012 मे सम्मानित किया गया. वर्ष 2018 में राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित हुए. चेतना समिति पटना एवं साहित्यिकी संस्था सरिसब पाही से भी इन्हें सम्मानित किया गया था. उनके निधन पर डॉ. इंद्रनाथ झा, डॉ.. अमृतनाथ झा, डॉ.. सतीरमण झा, पं. कमलजी झा, पं. लक्षमण झा, डॉ. मित्रनाथ झा, डॉ. काशीनाथ झा, विनीत ठाकुर, सुमन झा, प्रो. केदारनाथ झा, विनोद, डॉ. किशोरनाथ झा, डॉ. लंबोदर झा, प्रो. सोनी कुमारी, अमल कुमार झा, विमलेश झा शोक प्रकट किया है. गौरव मिश्र ने मुखाग्नि दी.
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