जिले में डायल 112 से जुड़ेगी निजी एंबुलेंस

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जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है.

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सड़क हादसे में घायलों को तत्काल मिलेगी मदद

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जिले में सौ से अधिक एम्बुलेंस, 57 एम्बुलेंस सरकारी

मधुबनी . जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है. इसके तहत जल्द ही जिले की निजी एंबुलेंस सेवाओं को भी डायल 112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ा जाएगा. इस पहल के बाद सड़क हादसे, आकस्मिक बीमारियों और अन्य आपात स्थितियों में लोगों को अधिक तेजी से चिकित्सा सुविधा मिल सकेगा. विदित हो कि वर्तमान में जिले में 100 से अधिक एंबुलेंस संचालित है. इसमें 57 एंबुलेंस सरकारी और शेष निजी एम्बुलेंस है. जिला प्रशासन अब इस सभी निजी एंबुलेंस को भी सरकारी तंत्र के साथ जोड़ने की तैयारी में है. ताकि जरूरत पड़ने पर 112 कंट्रोल रूम से निकटतम एंबुलेंस को शीघ्र घटना स्थल पर भेजा जा सके. अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक एंबुलेंस को जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा. इससे कंट्रोल रूम को किसी भी एंबुलेंस की रीयल-टाइम लोकेशन की जानकारी मिलेगी. दुर्घटना या आपात सूचना मिलते ही निकटतम वाहन को अलर्ट मोड में घटना स्थल पर भेजा जा सकेगा. इससे घटनास्थल तक पहुंचने में लगने वाले समय में काफी कमी आएगी. सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अक्सर विलंब से एंबुलेंस पहुंचने के कारण गंभीर रूप से घायल मरीजों की जान की जोखिम बढ़ जाती है. इस नई व्यवस्था के लागू होने से ऐसी स्थितियों में त्वरित मदद संभव होगी. साथ ही निजी एंबुलेंस संचालकों को भी एक निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के तहत काम करना होगा. इसमें किराया, सेवा समय और प्राथमिक उपचार की सुविधा शामिल रहेगी. विदित हो कि जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त समन्वय से यह व्यवस्था तैयार की जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि निजी संसाधनों को सरकारी व्यवस्था से जोड़ने से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और अधिक प्रभावी बनेगा. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत हर एंबुलेंस चालक और कर्मी को प्राथमिक चिकित्सा एवं रेस्क्यू की विशेष प्रशिक्षण दी जाएगी. इससे आपात स्थिति में घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने से पहले ही प्रारंभिक उपचार दिया जा सकेगा. यह पहल जिले में स्वास्थ्य सुरक्षा और त्वरित सहायता व्यवस्था को नई दिशा देगी. उम्मीद की जा रही है कि फरवरी माह से यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू कर दी जाएगी.

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