Madhubani News : पुल क्षतिग्रस्त होने के एक वर्ष बाद भी निर्माण की पहल नहीं

Edited by GAJENDRA KUMAR
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तिसियाही खनुआटोल में उमगांव से बेनीपट्टी जाने वाली मुख्य सड़क में पुल क्षतिग्रस्त होने के एक साल बाद भी नये सिरे से पुल निर्माण की पहल नहीं हो रही है.

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बेनीपट्टी. प्रखंड की त्योथ पंचायत अंतर्गत तिसियाही खनुआटोल में उमगांव से बेनीपट्टी जाने वाली मुख्य सड़क में पुल क्षतिग्रस्त होने के एक साल बाद भी नये सिरे से पुल निर्माण की पहल नही हो रही है. जिससे स्थानीय लोगों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाजारगी है. आये दिन उक्त क्षतिग्रस्त पुल के आस-पास दुर्घटना होने का मामला सामने आते रहा है. बीते मंगलवार की रात में उक्त पुल के पास एक बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण अरेर थाना के ब्रह्मपुरा गांव के 32 वर्षीय युवक रविशंकर साह की मौत बुधवार को इलाज के क्रम में हो गई. वे खिरहर थाना के सोनई गांव स्थित अपने ससुराल से वापस अपने घर लौट रहा था. स्थानीय लोगों ने बताया कि अब तक पुल निर्माण के लिये कोई पहल नही हो रही है. नदी के बीचों बीच बने डायवर्सन से जान जोखिम में डालकर लोग आवाजाही कर रहे हैं. बरसात आने पर राहगीरों की मुश्किलें बढ़ सकती है. बताते चलें कि 13 जुलाई 2024 को पुल के स्लैब बीम क्रेक होने और पुल धंसने का मामला सामने आते ही प्रशासन ने पुल से वाहनों के आवाजाही पर रोक लगा दिया था. इसके अगले दिन पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त पुल का जायजा लेकर दोनों छोड़ पर लोहे के रॉड से बैरियर लगा आवाजाही पर पूर्णतः रोक लगवा दिया. इसी बीच 17 जुलाई 2024 की देर शाम में अंधेरे में दो बाइक सवार की भी मौत क्षतिग्रस्त पुल के दक्षिणी छोड़ पर लगाये गये लोहे के बैरियर से अंधेरे में टकराने की वजह से हो गई थी. बीते 21 जुलाई 2024 को क्षतिग्रस्त पुल से सटे पूरब में खनुआ नामक नदी के बीचोबीच डायवर्सन बनाकर तात्कालिक तौर पर आवागमन चालू कराया दिया गया था. इसके बाद 8 अगस्त 2024 को पटना से निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता उड़नदस्ता मो. जियाउद्दीन के नेतृत्व में उड़नदस्ता टीम पहुंचकर क्षतिग्रस्त पुल का जायजा लिया. जहां पुल के क्षतिग्रस्त हुए दोनों गार्डर, पुल के पूर्वी भाग में क्रेक हुए स्लैब बीम और धंसे हुए भाग का अवलोकन कर कई सैंपल भी संग्रह किये थे. इस दौरान कार्यपालक अभियंता ने आरडब्ल्यूडी की ओर से बनाये गये पुल के निर्माण के दौरान काफी कुछ अनियमितता बरते जाने के कारण पुल को इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होने की संभावना व्यक्त करते हुए समेकित जांच रिपोर्ट विभाग को सौंपे जाने की बात कही थी. जांच रिपोर्ट के साथ ही नये सिरे से सुपर स्ट्रक्चर बनाकर गुणवत्तापूर्ण उच्चस्तरीय पुल निर्माण कराने का प्रस्ताव भेजे जाने का भी आश्वासन दिया था. ज्ञातव्य हो कि उक्त पूल का निर्माण वर्ष 2004 में तकरीबन 3.7 लाख रुपये की लागत से 90 मीटर लंबाई और 18 मीटर चौड़ाई के आकार में हुआ था और 10 वर्षों में ही क्षतिग्रस्त हो गई. प्रभारी एसडीओ विवेक मिश्रा ने बताया कि क्षतिग्रस्त पुल के संबंध में अग्रेतर कार्रवाई करने के लिए उनके द्वारा वरीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है.

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