मधुबनी. मातृत्व की महानता को समर्पित माइक ऑफ मिथिला का तीसरा संस्करण पोल स्टार स्कूल के सभागार में हुआ. यह आयोजन न केवल मंचीय प्रस्तुति का अवसर था बल्कि हर एक मां के प्रति समर्पण का प्रतीक था. कार्यक्रम की शुरुआत संस्थापिका शारदा झा ने स्वागत संभाषण से किया. उन्होंने कहा कि माइक ऑफ मिथिला सिर्फ एक ओपन माइक प्लेटफार्म नहीं यह एक साहित्यिक और सांस्कृतिक आंदोलन है. यह संस्करण हमने उस शक्ति को समर्पित किया है जिसे हम मां कहते हैं. हम चाहते हैं कि हर श्रोता और कलाकार मां की भावना को महसूस करें. कार्यक्रम के निर्देशक डॉ. कैलाश भारद्वाज ने कहा कि मातृत्व केवल एक भावना नहीं वह समर्पण, प्रेम और बलिदान का पर्याय है. माइक ऑफ मिथिला उस भाव को कला और अभिव्यक्ति के जरिए जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है. मुख्य अतिथि सहायक प्राध्यापक विभा चौरसिया ने भी भाग लिया. पोल स्टार स्कूल की प्राचार्या डॉ. भारती झा ने उनका पुष्पगुच्छ से सम्मानित किया. मुख्य अतिथि गायिका प्रीति मिश्रा भी उपस्थित थी. जिन्हें समाजसेविका पिंकी भारद्वाज ने पुष्पगुच्छ भेंट की. पिंकी भारद्वाज ने कहा कि संगीत और संवेदना जब मां के लिए समर्पित हों तब मंच पर केवल प्रस्तुति नहीं होती वहां भावना बहती है. माइक ऑफ मिथिला ने वह कर दिखाया है. जिनमें कविता, कहानी, गायन और संगीत के रंग बिखेरे. मंच संचालन सर्वशा भारद्वाज और राघव रमन ने किया. सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति का पुरस्कार निर्देशक कैलाश भारद्वाज, और संस्थापिका शारदा झा ने श्वेता कुमारी को दिया. अवसर पर कलाकार दिव्यांशी झा, सोनी झा, दिलीप सिंह, निखिल झा, प्रीति मिश्रा, शैलजा झा, हर्ष आर्या, अनुज झा, शिवांशु कर्ण, दानिश शकील, ऋषिकेश मिश्र, प्रियंका पाठक, रिया कुमारी, सुनीता गुप्ता, राघव रमन, कुंदन झा, शिराज अख्तर, पूजा झा, अमित कश्यप, दिव्या झा, अभिनाश झा, नवीन झा, प्रिंस राज, शिवांशु कुमार, निर्भय नमन, निशांत कुमार सहित कई कलाकारों ने भाग लिया.
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