जिले के कई गांव बाढ़ से घिरे, आवागमन बंद
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 08 Jul 2024 9:56 PM
कोसी के दोनो तटबंध के बीच में बसे कई गांव में तबाही मचा रखा है. खासकर नदी किनारे बसे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
झंझारपुर. कमला व कोसी, भूतही बलान नदी उफाना गई है. मधेपुर प्रखंड में बाढ़ का पानी बिकराल स्थिति ले ली है. कोसी के दोनो तटबंध के बीच में बसे कई गांव में तबाही मचा रखा है. खासकर नदी किनारे बसे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पशु चारा, शुद्ध पेय जल आदि की समस्या उत्पन्न हो गई है. लगातार कोसी बराज से पानी छोड़े जाने के कारण लोग सहमें हुए हैं. बाढ़ की स्थिति ऐसी है कि एक परिवार से दूसरे परिवार तक पहुंचने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बना हुआ है. खासकर गरीब लोगों को जिसके पास नाव नहीं है उन लोगों को जिल्लत उठानी पड़ रही है. वहीं, सोमवार को झंझारपुर में कमला नदी का जल स्तर खतरे निशान से नीचे बह रही है. जल स्तर में घटाव से लोग राहत की सांस ली है. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल वन के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि कहा कि जलस्तर मंं घट रहा है. विभाग सजग है. इधर, मधेपुर प्रखंड के कोसी दियारा इलाके के अब कई गांव पानी से जलमग्न हो चूके हैं. लोगों के घर आंगन तक पानी प्रवेश कर चुका है. पश्चिमी तथा पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर निचले इलाके में पानी फैल जाने से लोगों को घरो से निकलना मुश्किल हो गया है. मैनाही, बरियाही, बक्सा, बसीपट्टी, गढ़गांव, बकूआ, टेंगराहा दर्जनों गांव लगभग एक दर्जन गांव के लोगों के घरों में आंगन तक एवं दरवाजे तक दो से तीन फीट तक बाढ़ का पानी भर गया है. ऐसे में लोग पलायन कर ऊंचे स्थान पर जाने की तैयारी में जुटे हुए हैं. कोसी नदी के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से लोग दहशत में हैं. वहीं कोसी नदी के अलावे भूतही बलान, तिलयुगा, कमला नदी के जलस्तर में जल स्तर में तेजी से वृद्धि हो रही थी. कोसी पश्चिमी तटबंध और पूर्वी तटबंध के बीच से बहने वाली कोसी नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण लगभग एक लाख की आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडाराने लगा है.
प्रखंड के बसीपट्टी, गढ़गांव पंचायत के साथ साथ बकुआ पंचायत के दर्जनों गांव में अब पानी पुरी तरह फैल गया है. वहीं कइ विद्यालय भी बाढ़ की पानी से घिर चुका है. स्कूल में आने वाले बच्चों के अभिभावकों व शिक्षकों में दहशत है. लोगों को अपने साथ साथ माल मवेशी की चारे की भी अब लाले पड़ना शुरू हो गई है. वहीं गढ़गांव पंचायत के स्थानीय लोगों ने बताया कि इस दौरान कोई व्यक्ति अगर बिमार पड़ जाए या कोई इमरजेंसी हो जाए तो वह व्यक्ति इलाज के अभाव में नदी किनारे पहुंचते पहुंचते ही दम तोड़ देगा. वहीं कोसी दियारा क्षेत्र को जाने वाले मुख्य सड़कों पर बाढ़ का पानी चढ़ने लगा था. तटबंध की सुरक्षा को लेकर अफसर भी पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं. और निगरानी कर रहे हैं. हर समय जल स्तर नजर रखी जा रही है और कई जगह पर तटबंध की मरम्मत को लेकर काम भी करवाए जा रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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