Madhubani Weather Update: मूसलाधार बारिश से सड़कें बनीं तालाब, बिजली ठप; किसानों की बल्ले-बल्ले

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AI जेनरेटेड फोटो

Madhubani Weather Update: मधुबनी में सोमवार 8 जून की शाम हुई झमाझम बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है. हालांकि, जलजमाव और बिजली संकट ने मुश्किलें बढ़ाईं, वहीं किसानों के लिए यह बारिश वरदान साबित हो रही है.

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Madhubani Weather Update: जिला मुख्यालय सहित विभिन्न ग्रामीण इलाकों में सोमवार, 08 जून 2026 की शाम से ही मौसम का मिजाज अचानक बदल गया. पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण और उमस भरी गर्मी के बीच अचानक चली तेज हवाओं के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले में एक साथ राहत और आफत दोनों की तस्वीरें पेश की हैं. इस झमाझम बारिश से जहां आम लोगों को तपिश से बड़ी राहत मिली है और मौसम सुहावना हो गया है, वहीं दूसरी ओर जलजमाव और चरमराई बिजली व्यवस्था ने शहरवासियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं.


वीआईपी और व्यस्त इलाकों में भारी जलजमाव, नगर निगम के दावों की खुली पोल

देर शाम हुई इस मुसलाधार बारिश के बाद नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के जल निकासी के दावों की पूरी तरह पोल खुल गई है. शहर के लगभग सभी मुख्य रास्तों, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में भारी जलजमाव की समस्या खड़ी हो गई है, जिससे बाजार में खरीदारी करने आए लोगों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई और बाजारों में सन्नाटा पसर गया.

शहर के निम्नलिखित प्रमुख और वीआईपी क्षेत्रों में सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया है:

  • गांधी चौक और सपता रोड
  • वाटसन स्कूल परिसर
  • हॉस्पिटल रोड और पंचवटी चौक
  • बिजली कॉलोनी नगर
  • बीएन झा कॉलेज और महिला कॉलेज रोड के आसपास के व्यस्त इलाके.

जाम नालियों से सड़कों पर फैला गंदा पानी, बारिश शुरू होते ही बत्ती गुल

जलभराव का मुख्य कारण समय पर नालियों की कड़ाई से सफाई न होना बताया जा रहा है. कंक्रीट और कचरे से बंद पड़ी नालियों के कारण मुसलाधार बारिश का गंदा पानी उफनकर मुख्य सड़कों पर फैल गया. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति काफी नारकीय बनी हुई है, जहां कच्ची सड़कों पर गहरे कीचड़ और जलभराव के चलते लोगों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.

इसके साथ ही, बारिश की शुरुआत के साथ ही पूरे जिले में बिजली की आंख-मिचौली का दौर शुरू हो गया. तेज हवाओं के कारण सुरक्षा और तकनीकी खराबी के नाम पर देखते ही देखते पूरे शहर की बिजली गुल हो गई, जिससे उमस भरे माहौल में उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा.


अन्नदाताओं के लिए सौगात: खरीफ फसलों के लिए वरदान है यह बारिश

आम शहरी लोगों के लिए जलजमाव के कारण परेशानी का सबब बनी यह बारिश जिले के अन्नदाताओं और किसानों के लिए एक बड़ी सौगात बनकर आई है. कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), पूसा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि मानसून की यह शुरुआती बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी है.

फसलों को मिलने वाले मुख्य लाभ:

फसल का प्रकारबारिश से होने वाला सीधा फायदा
धान (Paddy)धान की रोपनी और बिचड़ा (नर्सरी) तैयार करने में पानी की कमी दूर होगी.
मक्का (Maize)फसलों की ग्रोथ और पौधों को जरूरी नमी मिलेगी.
दलहनी फसलें (Pulses)इस समय बोई गई दालों की फसलों के लिए यह पानी संजीवनी का काम करेगा.

कृषि वैज्ञानिक की कड़क सलाह: डॉ. ए. सत्तार ने किसानों को राहत के साथ-साथ एक जरूरी सलाह भी दी है. उन्होंने कहा कि किसान भाई अपने खेतों में अत्यधिक जलजमाव न होने दें. यदि खेतों में बहुत दिनों तक पानी रुका रहा, तो पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है और वे सड़ सकती हैं. इसलिए खेतों से अतिरिक्त जल निकासी का सुचारू प्रबंध जरूर सुनिश्चित रखें.

मधुबनी से अमित कुमार मिश्र की रिपोर्ट

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Aaruni Thakur

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