राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में छाईं मिथिला पेंटिंग कलाकार खुशबू चौधरी, बिहार राज्य बाल श्रम आयोग अध्यक्ष ने किया सम्मानित
मधुबनी की बेटी खुशबू राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में हुई सम्मानित
जिरौल गांव की युवा मिथिला पेंटिंग कलाकार खुशबू कुमारी ने नेशनल आर्ट एग्जीबिशन 2026 में अपनी कलाकृतियों से धूम मचा दी है. कालिदास और लबान पर्व पर आधारित उनकी पेंटिंग्स को खूब सराहा गया, जो संस्कृति संरक्षण का सशक्त माध्यम बनीं.
Madhubani News: जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल अंतर्गत हरलाखी प्रखंड के जिरौल गांव की युवा मिथिला पेंटिंग कलाकार खुशबू कुमारी उर्फ खुशबू चौधरी एक बार फिर अपनी कला को लेकर चर्चा में हैं. पटना स्थित बिहार ललित कला अकादमी में आयोजित नेशनल आर्ट एग्जीबिशन 2026 में उन्हें बिहार राज्य बाल श्रम आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार बादल, भवन निर्माण विभाग के अपर सचिव विनय कुमार तथा कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट, पटना की प्राचार्य डॉ. राखी कुमारी ने सम्मानित किया.
कालिदास और लबान पर्व पर आधारित कलाकृतियां बनीं आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी में खुशबू चौधरी ने महाकवि कालिदास और मिथिला के पारंपरिक लोकपर्व लबान पर आधारित मधुबनी चित्रकला प्रस्तुत की है. उनकी कलाकृतियों में कालिदास के जीवन से जुड़े प्रसंगों और भगवान शिव व मां भगवती के आशीर्वाद से हुए उनके जीवन परिवर्तन को कलात्मक ढंग से दर्शाया गया है.
वहीं लबान पर्व पर बनाई गई पेंटिंग में नई धान की फसल, प्रकृति पूजा और भगवान विष्णु, वरुण तथा अग्निदेव को अर्पित किए जाने वाले पारंपरिक अनुष्ठानों को जीवंत रूप में उकेरा गया है.
संस्कृति संरक्षण का सशक्त माध्यम बनी चित्रकला
बिहार राज्य बाल श्रम आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार बादल ने खुशबू की कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पेंटिंग केवल कला नहीं, बल्कि मिथिला की सदियों पुरानी संस्कृति और परंपरा का जीवंत दस्तावेज है. इससे नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर मिलेगा.
यह राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी आद्या आर्ट एंड फिल्म्स के निदेशक शारदा कुमारी और समन्वयक संजीव के. हमराज के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है, जो 7 अगस्त तक चलेगी.
पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान
खुशबू चौधरी को हाल ही में मुजफ्फरपुर में आयोजित हेरिटेज नेशनल नेवल आर्ट एग्जीबिशन एंड कंटेस्ट में बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी ने भारतीय कला श्री सम्मान से सम्मानित किया था.
इसके अलावा उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, समस्तीपुर मंडल के डीआरएम, बेनीपट्टी के एसडीओ समेत कई संस्थाओं और अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है.
मुफ्त प्रशिक्षण देकर महिलाओं को बना रहीं आत्मनिर्भर
जिरौल गांव निवासी अमोद चौधरी और सुनैना देवी की पुत्री खुशबू चौधरी रेलवे स्टेशन, ट्रेनों, राम मंदिर उद्घाटन से जुड़े इंजन, एलएनएमयू भवन सहित कई सार्वजनिक स्थलों को मिथिला पेंटिंग से सजाने वाली टीम का हिस्सा रह चुकी हैं.
उन्होंने वर्ष 2023 में अश्क हैंडीक्राफ्ट संस्था की स्थापना की. इसके माध्यम से वे आसपास के गांवों की बच्चियों और महिलाओं को नि:शुल्क मधुबनी चित्रकला का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ रही हैं.
खुशबू द्वारा तैयार पाग, दुपट्टा, साड़ी, कुर्ता, क्रॉकरी और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद सरकारी कार्यक्रमों, निजी आयोजनों और दैनिक उपयोग के लिए भी तैयार किए जाते हैं. उनका कहना है कि मिथिला पेंटिंग आज स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बन चुकी है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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