Madhubani News : जीविका केवल एक संस्था नहीं, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक परिवर्तन का है सशक्त प्रतीक

हमें अपने अधिकारों को कर्तव्यों में बदलना होगा. मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि यह एक राष्ट्रीय दायित्व भी है.
लदनियां. हमें अपने अधिकारों को कर्तव्यों में बदलना होगा. मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि यह एक राष्ट्रीय दायित्व भी है. जिसके माध्यम से हम अपने देश एवं समाज की दिशा एवं दशा तय करते हैं. यह बातें जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक डॉ धनंजय कुमार ने विश्वास जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड महथा में मतदाता जागरूकता अभियान को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि जीविका द्वारा मतदाता जागरूकता की सबसे मजबूत कड़ी बनकर उभरी है. जीविका दीदियां आज घर-घर जाकर लोगों को मतदान के महत्व के बारे में जागरुक कर रही है. युवाओं और खासकर पहली बार मतदान करने वालों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के लिए प्रेरित कर रही है. यह प्रयास केवल मतदान प्रतिशत बढ़ाने का अभियान नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. जीविका दीदियां लगातार अपने सामुदायिक संगठनों की बैठकों में मतदान के महत्व को समझा रही है. ताकि हर नागरिक इस अभियान से जुड़ सके.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




