हीटवेव से सुरक्षा एवं तैयारी को को लेकर निर्देश

मौसम में बदलाव के साथ ही तापमान का पारा भी बढ़ने लगा है.
मधुबनी . मौसम में बदलाव के साथ ही तापमान का पारा भी बढ़ने लगा है. बीते शनिवार को तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा. रविवार को धूप से राहत मिली, लेकिन तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक ही रहा. जबकि सोमवार को अचानक कुछ देर के लिये आसमान में बादल छा गया और एक दो मिनट के लिये हल्की बूंदाबांदी भी हुई. पर इसके बाद तेज धूप व हवा ने परेशानी बढ़ा दी है. ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार जिलों में आसमान में हल्के बादल आ सकते है. 16 मार्च को कहीं कहीं हल्की वर्षा हो सकती है. हालांकि जिले में आमतौर पर मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है. इस अवधि में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकती है. इस अवधि में औसतन 5 से 7 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से मुख्य रुप से पछिया हवा चलने की संभावना है. आने वाले समय में गर्मी और अधिक बढ़ने की संभावना : इधर, संभावित तेज धूप व गर्मी में होने वाली हीट वेब से सुरक्षा एवं आवश्यक तैयारी स्वास्थ्य महकमा ने शुरु कर दी है. सिविल सर्जन डा. हरेंद्र कुमार ने अधीक्षक सदर अस्पताल, उपाधीक्षक अनुमंडलीय अस्पताल सहित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को हीटवेव की संभावना को देखते हुए पूर्व तैयारी करने का निर्देश दिया है. इसके अंतर्गत आवश्यक दवाओं की उपलब्धता एवं रैपिड एक्शन फोर्स का गठन करने का निर्देश दिया है. इसके आलोक में आवश्यक दवाओं की समीक्षा करते हुए अनुपलब्ध दवाओं का उठाव जिला दवा भंडार से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. विशेषकर ओआरएस, आइवी फ्लुड एवं जीवन रक्षक दवा प्रचूर मात्रा में रखने का निर्देश दिया है. सभी सीएचसी एवं पीएचसी में 2-2 बेड तथा सदर अस्पताल एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में में 5 – 5 बेड का आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही वार्ड में पंखा, कूलर, एसी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है. सीएस ने कहा, कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डीप फ्रीजर एवं आईएलआर उपलब्ध है, इस संबंध में आइस पैक की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है. पीने की पानी का समुचित व्यवस्था. बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के एसी को चुस्त-दुरुस्त करने, आउटसोर्सिंग से संचालित जनरेटर की व्यवस्थ, मेडिकल टीम का गठन एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस एवं आवश्यक जीवन रक्षा दवा के साथ रोस्टर बनाने का निर्देश दिया है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा गया है कि हीटवेव की तैयारी करते हुए, किए गए कार्यवाही से सीएस कार्यालय को अवगत कराएं. इसमें किसी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित प्रभारी स्वयं जिम्मेदार होंगे.
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