मधुबनी. जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में शनिवार को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया गया. इस अवसर पर सभी एमसीडी कनिकों में मरीजों के उच्च रक्तचाप के साथ ही डायबिटीज की जांच की गयी. इस वर्ष रक्तचाप को सटीकता से मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबे समय तक जीवित रहें ” की थीम के साथ विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जा रहा है. कार्यक्रम को लेकर सदर अस्पताल के एनसीडी विभाग में हाइपरटेंशन को लेकर लोगों को जागरूक किया गया. एनसीडीओ डॉ. एसएन झा ने बताया कि उच्च रक्तचाप साइलेंट किलर माना जाता है. कई लोगों को यह पता भी नहीं चल पाता कि वे हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं. ऐसे में तीस वर्ष की उम्र से अधिक लोगों को नियमित ब्लड प्रेशर की जांच करानी जरूरी है. विश्व उच्च रक्तचाप दिवस का उद्देश्य हाई ब्लड प्रेशर के बारे में जागरूकता लाने, इसकी पहचान करने तथा समय पर प्रबंधन व रोकथाम करना है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार उच्च रक्तचाप तब होता है जब धमनी की दीवारों पर रक्तचाप सामान्य सीमा से अधिक हो जाता है. खराब जीवनशैली, अस्वास्थ्यकर आहार और शारीरिक गतिविधि की कमी उच्च रक्तचाप के शुरुआती कारणों में से हैं. उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम करने के लिए सबसे प्रभावी तरीका सोडियम यानि नमक का सेवन को कम करना जरूरी है. दुनिया भर में उच्च रक्तचाप वाले अनुमानित 46 फीसदी लोग इस बात से अनजान हैं कि उन्हें उच्च रक्तचाप है. सही प्रकार से पर्याप्त नींद न लेना या नींद में खलल पड़ना भी रक्तचाप की एक वजह है. रक्तचाप को नियंत्रित रखना जरूरी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क जांच सह चिकित्सा परामर्श शिविर लगाया जायेगा. शिविर में लोग आकर अपनी रक्तचाप की जांच जरूर कराएं. अधिक वजन या मोटापा, शराब व तंबाकू का अत्यधिक सेवन, गुर्दा की बीमारी, अत्यधिक मात्रा में नमक का सेवन तथा तनाव उच्च रक्तचाप का कारण है. व्यायाम व योगा, संतुलित आहार, फल व सब्जियों का सेवन, रक्तचाप की नियमित जांच आदि जरूरी है.
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