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Madhubani News : शारदीय नवरात्र : पंडालों का किया जा रहा निर्माण, कलश स्थापन कल

Updated at : 20 Sep 2025 9:51 PM (IST)
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Madhubani News : शारदीय नवरात्र : पंडालों का किया जा रहा निर्माण, कलश स्थापन कल

शारदीय नवरात्र के लिए शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में देवी दुर्गा की पूजा के लिए की जा रही तैयारी अंतिम चरण में है.

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मधुबनी.

शारदीय नवरात्र के लिए शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में देवी दुर्गा की पूजा के लिए की जा रही तैयारी अंतिम चरण में है. बच्चे, बूजुर्गों, युवाओं से लेकर हर वर्ग की महिलाएं माता की आराधना के लिए उत्साहित हैं. देवी की पूजा के लिए लोग घरों की साफ सफाई कर रहे हैं. वहीं भव्य पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. मूर्तिकार भी देवी की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में लगे है. पंचांग अनुसार शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से होगा. विजया दशमी 2 अक्टूबर को मनायी जाएगी. शारदीय नवरात्र में माता का आगमन गज वाहन से होगा. पं. पंकज झा शास्त्री ने कहा कि देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों शास्त्रों में वर्णित है.

उत्सव के साथ भक्ति और शक्ति का भी पर्व है नवरात्र

नवरात्र विशिष्ट उत्सव है. यह एक ओर उत्सव उत्सव है वहीं दूसरी ओर व्यक्ति स्वयं के भीतर गहरे उतर कर भक्ति के साथ ज्ञान और शक्ति प्राप्त कर सकता है. इस समय शुंभ निशुंभ राक्षस की तरह व्यक्ति को नाना प्रकार की विकृतियां घेरने का प्रयास करती है. विकृतियां किसी भी व्यक्ति को नियंत्रण से बाहर कर सकती है और आध्यात्मिक पथ में बाधा बन सकती हैं. लेकिन दैवी शक्ति की कृपा से नवरात्र के नौ दिनों में इन विकृतियों से मुक्त हुआ जा सकता है. इस बार माता का आगमन 22 सितंबर सोमवार को हो रहा है. कलश स्थापन के समय उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र और चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा. वैसे तो माता का मुख्य वाहन शेर है परंतु शास्त्र अनुकूल जिस दिन कलश स्थापन होता है उस अनुसार माता का वाहन निर्धारित होता है. इस बार माता दुर्गा के गज पर आगमन को सुख-समृद्धि, धन-धान्य और वर्षा के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है, यह कृषि में उन्नति, किसानों की आय में वृद्धि और देश में खुशहाली का संकेत है. वहीं इस बार विजया दशमी 2 अक्टूबर गुरुवार को हो रहा है यानि मां दुर्गा नर वाहन गमन करेंगी. कुछ मामलों को छोड़ माता का गमन फल भी अधिकतर शुभ है.

कलश स्थापन शुभ मुहूर्त22 अक्टूबर सोमवार कलश स्थापन के लिए शुभ मुहूर्त प्रातः 5:59 बजे से 7:26 बजे तक. सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:2 बजे तक अति उत्तम है. समय अभाव में इस दिन कभी भी कलश स्थापन कर सकते हैं. नवरात्र का समय सिद्धि का समय होता है और इस समय राहु काल भी कमजोर होता है.

मिथिला क्षेत्रीय पंचांग अनुसार तिथि क्रमवार पूजा सारिणी22 सितंबर 2025 सोमवार – प्रतिपदा तिथि रात्रि 01:29 बजे तक. शारदीय नवरात्र आरम्भ, कलश स्थापन, देवी आगमन गज वाहन, मां शैलपुत्री पूजा23 सितंबर 2025 मंगलवार – द्वितीया तिथि रात्रि 3: 2 बजे तक श्री रेमन्त पूजा, मां ब्रह्मचारिणी पूजा.

24 सितंबर 2025 बुधवार – तृतीया तिथि रात 4:46 बजे तक मां चंद्रघंटा पूजा25 सितंबर 2025 गुरुवार – चौठ तिथि अहोरात्रश्री गणेश पूजन, श्री गणेश चौठ व्रत, मां कुष्मांडा पूजा.

26 सितंबर 2025 शुक्रवार – चौठ तिथि प्रातः 06:49 बजे तक मां कुष्मांडा पूजा।27 सितंबर 2025 शनिवार – पंचमी तिथि दिन 08:55 बजे तक मां स्कंदमाता पूजा, हस्ते रवि: रात्रि 10:12 बजे तक28 सितंबर 2025 रविवार – षष्ठी रात दिन 10:54 बजे तक विल्वाभिमन्त्रण (बेलनौती), गजपूजा, मां कात्यायनी पूजा29 सितंबर 2025 सोमवार – सप्तमी तिथि दिन 12:35 बजे तक नवपत्रिका प्रवेश, भगवती दर्शन, मां कालरात्रि पूजा, महारात्रि, निशापूजा महा सप्तमी व्रत.

30 सितंबर 2025 मंगलवार – अष्टमी तिथि दिन 01:54 बजे तक मां महागौरी पूजा, महाअष्टमी व्रत01 अक्टूबर 2025 बुधवार – नवमी तिथि दिन 02:46 बजे तक मां सिद्धिदात्री पूजा, त्रिशूलनी पूजा, महानवमी व्रत, हवन02 अक्टूबर 2025 गुरुवार – दशमी तिथि दिन 03:05 बजे तक विजया दशमी, अपराजिता पूजा, समीपूजा, देवी विसर्जन, जयन्ती धारण, देवी गमन नरवाहनया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GAJENDRA KUMAR

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By GAJENDRA KUMAR

GAJENDRA KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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