झंझारपुर. तीन दिन से हड़ताल के बाद सफाई कर्मी चौथे दिन हड़ताल वापस ले लिया. सभी रविवार से काम पर लौट गए. सफाई कर्मी की हड़ताल से लौट आने के बाद नगर परिषद क्षेत्र की सड़कों व गलियों को कूड़े और कचरे के अंबार से लोगो को राहत मिली. शनिवार की देर शाम नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी दीपक कुमार, सिटी मैनेजर संजय कुमार, नियोक्ता सफाई एजेंसी के प्रतिनिधि अरविंद कुमार से सफाई कर्मी मजदूरों की विद्यापति टावर पर लंबी वार्ता हुई. सफाई कर्मियों की तरफ से वार्ता के लिए अधिवक्ता बलराम साह पहुंचे थे. कुल 16 बिंदुओं पर लिखित समझौता हुई. जिस पर मजदूरों की तरफ से नन्हे कंजर, बबलू कंजर, राज कंजर, अजय कंजर, बेचन मलिक, संजय मलिक, गोविंद कंजर सहित अन्य ने हस्ताक्षर किए. जिन बिंदुओं पर सहमति बनी उसमें सफाई कर्मी,मजदूर,ठेला, चालक आदि की स्थाई नियुक्ति के लिए सरकार से पत्राचार किया जाए. 1 अप्रैल से बिहार सरकार द्वारा दिए जा रहे न्यूनतम मजदूरी दर से मजदूरी का भुगतान किया जाए. ईपीएफ राशि प्रत्येक माह काटे जाए. 3 माह के अंदर पिछले सभी ईपीएफ के डिटेल्स जानकारी दी जाए. हर माह के प्रथम सप्ताह में 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान अवश्य कर दिया जाए. सभी मजदूरों को पहचान पत्र एवं दो जोड़ी सुरक्षा किट उपलब्ध कराया जाए. सभी सफाई कर्मी मजदूरों के हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन से सुबह 5:40 तक और दोपहर 12:30 तक बनेगा. रविवार को 3 घंटा काम होने के बाद पूरे दिन का भुगतान किया जाएगा. मजदूरों को झाड़ू और सफाई सामग्री एजेंसी देगी. अति आवश्यक पड़ने पर मजदूरों को 2 दिन की छुट्टी मिलेगी. जिसका वेतन नहीं काटा जाएगा. साथ की भविष्य में मजदूर किसी समस्या को लेकर पहले सिटी मैनेजर और स्वच्छता पदाधिकारी से बात करेंगे और हड़ताल करने की सूचना 7 दिन पहले देंगे. फिर हड़ताल करेंगे. सहमति बनने के बाद अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए. मजदूरों की तरफ से वार्ता करने वाले अधिवक्ता बलराम शाह ने कहा कि साफ-सफाई अति आवश्यक कार्य है. इसलिए मजदूरों ने आम लोगों के हित के लिए आश्वासन के बाद ही काम शुरू कर दिया. अब आने वाले समय में एग्रीमेंट के मुताबिक सफाई कार्य की निगरानी की जाएगी. जिसके लिए सामाजिक सरोकार रखने वाले बुद्धिजीवियों के 10 सदस्य की एक कमेटी बनेगी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

