बेटी की मृत्यु दर कम करने की पहल
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :07 Mar 2017 5:54 AM
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बेटी बचाओ अभियान रथ को झंडी दिखाकर सीएस ने किया रवाना मधुबनी : लड़कियों की मृत्यु दर में कमी लाने के दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने पहल शुरू कर दी है. इसके तहत अब लोगों को बेटी बचाओ अभियान का रथ निकाल कर जागरूक किया जा रहा है. इसमें एक ओर जहां भ्रूण हत्या रोकने […]
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बेटी बचाओ अभियान रथ को झंडी दिखाकर सीएस ने किया रवाना
मधुबनी : लड़कियों की मृत्यु दर में कमी लाने के दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने पहल शुरू कर दी है. इसके तहत अब लोगों को बेटी बचाओ अभियान का रथ निकाल कर जागरूक किया जा रहा है. इसमें एक ओर जहां भ्रूण हत्या रोकने के लिये लोगों को जागरूक किया जायेगा तो दूसरी ओर नवजात के बीमार होने पर उसे समय से स्वास्थ्य केंद्र लाने, बीमारी के लक्षण से भी अवगत कराते हुए इसके लिये सतर्क रहने के लिये प्रेरित किया जायेगा. सोमवार को सिविल सर्जन डाॅ. अमर नाथ झा ने सदर अस्पताल से बेटी बचाओ रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
चार प्रखंडों में जायेगा रथ : बेटी बचाओ अभियान रथ जिले के पंडौल, रहिका, बेनीपट्टी व बिस्फी प्रखंडों के कई गांवों में जाकर एसएनसीयू के बारे में लोगों को विस्तृत जानकारी प्रोजेक्टर के माध्यम से दिया जायेगा. रथ रवाना करते हुए सीएस ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोगों की हल्की सी भी लापरवाही से नवजात की जान चली जाती है. खासकर बेटियों के बीमारी के मामले में अक्सर लापरवाही बरती जाती है. ऐसे में बेटियों की मृत्यु दर में लगातार बढोतरी हो रही है. जो समाज के लिये ठीक नहीं है. प्रथम चरण में इन चार प्रखंडों में रथ जायेगा. इसके बाद दुबारा अन्य प्रखंडों में भी रथ को रवाना किया जायेगा.
ये उपकरण है उपलब्ध : एसएनसीयू में रेडिमेट वार्मर एक ऐसा यंत्र है, जिसका प्रयोग शिशुओं को गरम रखने के लिए किया जाता है. इसमें बच्चों को मां के गर्भ के बराबर तापमान में रखा जाता है.
आक्सीन यूनिट : सांस लेने में तकलीप होने पर जनवात शिशु को इसके जरिये आक्सीजन दिया जाता है.
फोटोथेरेपी यूनिट : इसके द्वारा अल्ट्रावायलेट प्रकाश के माध्यम से बच्चों का इलाज किया जाता है. इसके अलावा बच्चों के अन्य आधुनिक उपकरण द्वारा भी इन केंद्रों पर बच्चों का इलाज किया जाता है.
सिविल सर्जन डाॅ. अमर नाथ झा ने बताया कि ऐसा देखा गया है कि जन्म के समय लड़कों की तुलना में लड़कियों में जीवित रहने की क्षमता ज्यादा होती है. लेकिन सही पारिवारिक देखभाल, चिकित्सा सुविधाओं की कमी और पोषण के अभाव में लड़कियों की मृत्यूदर लड़कों से ज्यादा है. बेटी बचाओ अभियान रथ का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेटी बचाओ के प्रति जागरूक करना है. इस मौके पर डीसीएम नवीन दास, यूनिसेफ के एसएमसी प्रमोद कुमार झा, अस्पताल प्रबंधक ए मजीद उपस्थित रहे.
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