दो सूत्री मांगें : आंदोलन के पहले दिन कृषि कार्यालय के मुख्य द्वार को बंद कर किया प्रदर्शन

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मधुबनी : दो सूत्री मांगों को लेकर जिले के किसान सलाहकारों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. इस दौरान किसान सलाहकारों ने हड़ताल के पहले दिन रामपट्टी स्थित जिला कृषि कार्यालय के मुख्य द्वार को बंद कर सरकार व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. किसान सलाहकारों ने प्रवेश द्वार को बंद […]

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मधुबनी : दो सूत्री मांगों को लेकर जिले के किसान सलाहकारों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. इस दौरान किसान सलाहकारों ने हड़ताल के पहले दिन रामपट्टी स्थित जिला कृषि कार्यालय के मुख्य द्वार को बंद कर सरकार व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. किसान सलाहकारों ने प्रवेश द्वार को बंद कर पदाधिकारियों व कर्मचारियों के अंदर जाने पर रोक लगा दी.
मुख्य द्वार के बंद कर दिये जाने के कारण जिला कृषि पदाधिकारी शिलाजीत सिंह, आत्मा परियोजना निदेशक रेवती रमण, जिला उद्यान पदाधिकारी अजीत कुमार यादव सहित अन्य कर्मचारी व पदाधिकारी घंटों मुख्य द्वार पर बैठे रहे. बाद में मांग से संबंधित पत्र जिला कृषि पदाधिकारी को देने के बाद किसान सलाहकारों ने उन्हें कार्यालय जाने दिया.
नहीं मिलता उचित मानदेय
किसान सलाहकारों ने हड़ताल के दौरान विभाग व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. संजीव झा के अध्यक्षता में आयोजित प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार एक ओर किसान सलाहकारों से किसी भी विभाग में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों से अधिक काम कराती है.
24 घंटे किसान सलाहकार दिन रात अपने-अपने क्षेत्र के किसानों के बीच सरकार द्वारा संचालित योजनाओं व किसानों के आवश्यकता को विभाग के माध्यम से पूरा करने में लगे रहते हैं, लेकिन इनको उचित मानदेय तक नहीं मिलता. इस प्रकार का काम व उसके अनुरूप मानदेय दिया जाता है. उससे किसान सलाहकारों में आक्रोश व्याप्त हो रहा है. वक्ताओं ने कहा कि फसल क्षति प्रतिवेदन की बात हो या फिर अन्य योजना किसान सलाहकार हर मुश्किल काम को आस्था व सच्ची लगन के साथ पूरा करते हैं.
इसमें जयनगर के किसान सलाहकार सहित अन्य तीन किसान सलाहकार क ा अधिक तनाव में काम करने के कारण हार्ट अटैक भी हो गया, लेकिन इन किसान सलाहकारों की कुशलता तक पूछने के लिए कोई पदाधिकारी नहीं पहुंचे. वक्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार किसान सलाहकारों को स्थायी वेतनमान व इनका समायोजन वीएलडब्ल्यू में नहीं करती है, तब तक किसान सलाहकार का हड़ताल जारी रहेगा. किसान सलाहकार अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बने रहेंगे. इस दौरान दिलीप कुमार चौधरी, कृष्णवीर नारायण घोष, विनय कुमार, राज नारायण पांडेय, निहारिका कुमारी, वरुण सिंह, चुल्हाई साह, नवीन झा, सुभाष ठाकुर, संतोष राम, प्रभाकर चौधरी, अरुण यादव, सियाराम शर्मा सहित सभी किसान सलाहकार उपस्थित थे.
योजना होगी प्रभावित
किसान सलाहकारों के हड़ताल पर जाने से विभाग की ओर से जारी कई योजना प्रभावित होगी. हरी खाद योजना के तहत ढैंचा वितरण का काम इन दिनों किया जा रहा है. हड़ताल के कारण यह योजना भी प्रभावित होगी. इसके साथ ही यदि जल्द ही किसान सलाहकार काम पर नहीं लौटे तो खरीफ में संचालित होने वाली योजना पर प्रतिकूल असर पड़ेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला कृषि पदाधिकारी शिलाजीत सिंह ने बताया है कि किसान सलाहकारों की मांग से जिला पदाधिकारी के साथ-साथ विभाग के उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जायेगा. जिला पदाधिकारी व विभाग के निर्देश के तहत काम किया जायेगा.
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