रद्द होंगे अवैध जमाबंदी

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मधुबनी. अपर समाहर्ता मो. शमीम की अध्यक्षता में जिलास्तरीय राजस्व वसूली की समीक्षा की गयी. इसमें प्रभारी पदाधिकारी जिला राजस्व द्वारा बताया गया कि अंचलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार गैर मजरूआ मालिक, गैर मजरूआ आम अधिशेष भूमि, बीपीपीएचटी, क्रय नीति एवं भूदान से आच्छादित कुल लाभांवितों की संख्या 1 लाख 24 हजार 107 है […]

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मधुबनी. अपर समाहर्ता मो. शमीम की अध्यक्षता में जिलास्तरीय राजस्व वसूली की समीक्षा की गयी. इसमें प्रभारी पदाधिकारी जिला राजस्व द्वारा बताया गया कि अंचलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार गैर मजरूआ मालिक, गैर मजरूआ आम अधिशेष भूमि, बीपीपीएचटी, क्रय नीति एवं भूदान से आच्छादित कुल लाभांवितों की संख्या 1 लाख 24 हजार 107 है पर अंचलों से प्राप्त प्रपत्र 1 में अपलोड किये गये लाभांवितों की संख्या 92 हजार 526 है. अपर समाहर्ता ने निर्देश दिया कि इसमें प्रगति लाकर शत प्रतिशत अपलोड करें. उन्होंने कहा कि पिछले बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अनुमंडल पदाधिकारी को ऑपरेशन दखल दिहानी की मॉनीटरिंग का निर्देश दिया था पर इसकी उपलब्धि संतोजनक नहीं है. उन्होंने निर्देश दिया कि इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बेदखल पर्चाधारियों को दखल दिलाते हुए प्रतिवेदन ससमय जिला को भेजें.

अवैध जमाबंदी को रद्द करने का निर्देश
अंचलाधिकारियों को हिदायत दी गई कि किसी भी परिस्थिति में अवैध जमाबंदी नहीं रहनी चाहिए. ऐसी शिकायत है कि सरकारी भूमि का अवैध जमाबंदी रैयत के नाम से चल रही है. पर हल्का कर्मचारी एवं अंचल स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है. सभी अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि गहन रूप से हल्कावार समीक्षा कर ली जाय. वैसे मामलों में विधिवत प्रतिवेदन एवं साक्ष्य के साथ सक्षम पदाधिकारी को न्यायालय में अभिलेख संधारित कर भेजें ताकि अवैध जमाबंदी को रद्द की जा सके. समाहर्ता द्वारा प्रतिमाह पांच अतिक्रमण हटाने के निर्देश के आलोक में प्रभारी पदाधिकारी ने बैठक में निर्देश दिया कि इसका अनुपालन नहीं हो पा रहा है. अतिक्रमण के मामले को अंचल स्तर पर गंभीरता से नहीं लिया जाता है. उन्होंने अंचलाधिकारियों को निर्देश देते कहा कि अतिक्रमण खाली कराने की सूचना थाना के स्टेशन डायरी में निश्चित रूप से अंकित की जाये.

90 दिनों से अधिक लंबित वादों का शीघ्र करें निष्पादन

बिहार भू विवाद निराकरण अधिनियम के तहत मामलों का निष्पादन भूमि सुधार उपसमाहर्ता के न्यायालय में किया है. भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं को निर्देश दिया गया कि 90 दिनों से अधिक के लंबित वादों का अविलंब विधिवत सुनवाई कर निष्पादन करें. साथ ही पारित आदेशों का अनुपालन भी करायें.उन्होंने अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि विवाद निराकरण अधिनियम के तहत पारित आदेश का ससमय अनुपालन कराया जाये.
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