सर्वोदय उच्च विद्यालय में सिर्फ तीन शिक्षक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :13 Jan 2015 11:33 AM (IST)
विज्ञापन

मधुबनी : समय सात साल. सरकार द्वारा आवंटित राशि 22 करोड़ 62 लाख रुपये. लक्ष्य 121 भवन के निर्माण का. निर्माण हुआ 25 भवन का. यह आंकड़ा है जिले में +2 उच्च विद्यालय में भवन निर्माण का. सरकार ने जिले को सात साल पहले 22 करोड़ 62 लाख रुपये प्लस टू विद्यालयों में भवन निर्माण […]
विज्ञापन
मधुबनी : समय सात साल. सरकार द्वारा आवंटित राशि 22 करोड़ 62 लाख रुपये. लक्ष्य 121 भवन के निर्माण का. निर्माण हुआ 25 भवन का. यह आंकड़ा है जिले में +2 उच्च विद्यालय में भवन निर्माण का.
सरकार ने जिले को सात साल पहले 22 करोड़ 62 लाख रुपये प्लस टू विद्यालयों में भवन निर्माण के लिए आवंटित तो कर दिया, लेकिन यह राशि जिले के पदाधिकारी व विद्यालय प्रबंधन की उदासीनता व लापरवाही के कारण धरी की धरी रह गयी.
इसका परिणाम यह हुआ कि आज तक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को इंटर की शिक्षा उनके गांव में नहीं मिल पा रही है. इससे न सिर्फ छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, बल्कि अब स्थानीय लोगों में शिक्षा विभाग के खिलाफ आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है.
हर विद्यालय के लिए मिले थे 22 लाख रुपये
सरकार ने 2006 -07 में +2 विद्यालय के भवन निर्माण के लिए राशि उपलब्ध करायी थी. इसके तहत हर विद्यालय को 22 लाख दिया जाना था. जिले में कुल 121 उच्च विद्यालय को +2 का दर्जा दिया गया.
इसके साथ ही राशि भी आवंटित कर दी गयी, लेकिन इन सात सालों में मात्र 25 विद्यालय में ही भवन निर्माण हो सका है. इसका परिणाम यह हुआ कि मात्र 27 विद्यालय में ही इंटर की पढ़ाई शुरू हो सकी. कहीं भवन नहीं तो कही संसाधन नहीं. 76 विद्यालय में अब भी भवन नहीं है.
खामियाजा भुगत रहे छात्र
शिक्षा विभाग की उदासीनता का खामियाजा प्लस टू के छात्रों को उठाना पड़ रहा है. महत्वाकांक्षी शैक्षणिक योजना जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है. सरकार की योजना थी कि इंटर की पढ़ाई के लिए गांव की छात्रों को बाहर नहीं जाना पड़. खासकर लड़कियों को बाहर जाकर पढ़ने में हो रही असुविधा को ध्यान में रखकर सरकार ने यह योजना शुरू की थी, लेकिन समय के साथ-साथ यह योजना दम तोड़ती चली गयी.
न तो भवन बना और न ही छात्रों को शिक्षा उपलब्ध हो सकी. छात्रों ने इन विद्यालयों में अपना नामांकन करा तो लिया, लेकिन आज तक वे कभी भी वर्ग में नहीं बैठ सकें. हालात यह हो गया है कि अब छात्रों को इन +2 विद्यालय से मोह भंग हो रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










