बाल हृदय योजना को ले तीन वर्षों में 188 बच्चों की हुई जांच

Updated at : 12 Jul 2024 10:20 PM (IST)
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बाल हृदय योजना को ले तीन वर्षों में 188 बच्चों की हुई जांच

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत जिले में अप्रैल 2021 से 30 जून 2024 तक 188 बच्चों की जांच की गई.

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मधुबनी. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत जिले में अप्रैल 2021 से 30 जून 2024 तक 188 बच्चों की जांच की गई. इस कार्यक्रम के तहत बाल हृदय योजना अन्तर्गत चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल में 70 बच्चों का इलाज किया गया. वहीं इस योजना के तहत आइजीआईसी में 11 एवं आईजीआईएमएस में 1 बच्चों सहित 82 बच्चों का इलाज किया गया. इसमें राज्य में जिला का रैंकिंग चौथे पायदान पर रहा. बाल हृदय योजना के तहत दिल की बीमारी से ग्रसित बच्चों के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रियता से कार्य कर रहा है. विदित हो कि ह्रदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के लिए बाल हृदय योजना की शुरुआत की गई है. इस योजना के तहत चिह्नित बच्चों के साथ परिजनों को 102 एंबुलेंस से घर से लाने व घर वापस भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार भीमसारिया ने कहा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित बाल ह्रदय योजना की मदद से बच्चों का नि:शुल्क इलाज होता है. बच्चों का पटना स्थित इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट आफ कार्डियक, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं आवश्यकता होने पर सत्य साईं अस्पताल अहमदाबाद में की जा जाती है. इस योजना के तहत बच्चों के इलाज तथा परिजन के आने जाने के सभी खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है.

बाल हृदय योजना के अंतर्गत मिलती है सुविधा

लाभार्थी बच्चों हृदय संबंधी इलाज नि:शुल्क किया जाता है. लाभार्थी को निशुल्क चिकित्सा के साथ साथ दवा भी निशुल्क दी जाती है. राज्य के 18 वर्ष या उससे कम आयु के बच्चों को इस योजना का लाभ मिलता है. इस योजना के लाभार्थी को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला स्वास्थ्य समिति आरबीएसके में जा कर बच्चे की जांच करानी चाहिए. जन्म से हृदय रोग से पीड़ित बच्चे जीवन निर्वाह नहीं कर पाते. उनके माता-पिता की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसका इलाज नहीं हो पाता. हृदय रोग का उपचार नहीं होने के कारण उनकी मृत्यु हो जाती है. इन समस्याओं का समाधान करने के लिए बिहार सरकार द्वारा बिहार बाल हृदय योजना की शुरुआत की गई है. योजना का उद्देश्य जन्म से हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का इलाज हो पाए व वह स्वास्थ्य जीवन व्यतीत कर सके. बिहार बाल हृदय योजना बिहार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित की जा रही है. योजना के अंतर्गत 18 वर्ष या उससे कम आयु के बच्चों के हृदय रोग का इलाज निशुल्क कराया जाता है. हृदय रोग से पीड़ित जन्मजात बच्चे योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है.

योजना के लाभ

बिहार बाल हृदय योजना के अंतर्गत निम्नलिखित लाभ प्रदान किया जाता है

लाभार्थी बच्चे के हृदय का इलाज नि:शुल्क कराया जाता है.

लाभार्थी को निशुल्क चिकित्सा के साथ साथ दवा भी निशुल्क दी जाएगी.

पात्रता

बच्चा बिहार का मूल निवासी होना चाहिए.

बच्चे की आयु 18 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए.

हृदय के छेद जैसी गंभीर बीमारी के साथ जन्मे बच्चे इसके पात्र हैं.

हृदय रोग के लक्षण

सांस फूलना, धड़कन का तेज होना,

अत्यधिक रोना, शरीर, होठ एवं जीभ का नीला पड़ना, वजन का नहीं बढ़ना, रुक – रुक कर दूध पीना. बहुत थकावट महसूस करना एवं

पैर, पेट एवं आंखों का फूल जाना शामिल है.

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